रायसेन में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। इस सीजन का यह पहला घना कोहरा था, जिसके कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर 25 से 50 मीटर रह गई। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कोहरा रुक-रुक कर अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दिया। सांची रोड पर विजिबिलिटी सबसे कम, मात्र 25 मीटर दर्ज की गई। कड़ाके की ठंड के बीच लोग अलाव का सहारा लेते और गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। 7 डिग्री तक पहुंच रहा रात का तापमान
रायसेन में पिछले 10 दिनों से रात का तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बीती रात न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय ओस भी देखने को मिली, जिससे घर के बाहर खड़े वाहन और पेड़-पौधे गीले हो गए थे। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण बादल, बारिश और बर्फबारी का मौसम बना हुआ है। हालांकि, पारा लगातार गिर रहा है। आने वाले दिनों में दो और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में पहुंचेंगे, जिससे पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा। इन सिस्टमों के आगे बढ़ने पर बर्फ पिघलेगी और सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में आएंगी, जिससे एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू होने की संभावना है।


