रायसेन शहर में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव अपने अंतिम चरण में है। शनिवार शाम को स्थानीय कलाकारों द्वारा भगवान श्री राम और कुंभकर्ण के बीच युद्ध और कुंभकर्ण वध का मंचन किया गया। इस भव्य मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। मैदान के चारों ओर दर्शकों की भारी भीड़ देखी गई, जो लीला के मंचन को लेकर काफी उत्सुक थे। कलाकारों ने कुंभकर्ण वध की लीला का शानदार प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कथा के अनुसार, लंकापति रावण का भाई कुंभकर्ण छह महीने की गहरी नींद में सोया हुआ था। लंका में हुई तबाही और कई योद्धाओं के मारे जाने की उसे कोई जानकारी नहीं थी। रावण की सेना को उसे जगाने के लिए काफी प्रयास करने पड़े। नींद से जागने के बाद कुंभकर्ण युद्ध के लिए मैदान में उतरा। भगवान श्री राम और उनकी सेना के साथ उसका भीषण युद्ध हुआ। अंततः, प्रभु श्री राम के हाथों कुंभकर्ण का वध हो गया। इस रामलीला में कुंभकर्ण का किरदार शहर के राजेश पंथी पहलवान पिछले 20 सालों से निभा रहे हैं। मेले में सिलवानी निवासी अवनी नामक बच्ची अपनी मां ज्ञानेश्वरी के साथ मेला घूमने आई थी और मेले में गुम हो गई। कोतवाली थाना प्रभारी टीआई नरेंद्र गोयल और उनके दल ने पैदल गश्त के दौरान बच्ची को ढूंढ निकाला और सकुशल उसकी मां ज्ञानेश्वरी देवी को सौंप दिया।


