रालामंडल बायपास पर हुए सड़क हादसे के बाद जैसे ही मृतकों के शव घर पहुंचे। माता-पिता बिलख पड़े, जिन्हें परिजन ने संभाला। दुर्घटना में बेटी की मृत्यु की सूचना मिलते ही पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन अस्पताल पहुंचे। उनके साथ विधायक सचिन यादव और पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा भी थे। चार साल में आठ थाना क्षेत्रों में 16 स्थानों पर 133 एक्सीडेंट, 129 मौतें शहरी सीमा में लगातार हादसे हो रहे हैं। पिछले चार साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो आठ थाना क्षेत्रों में 16 स्थानों पर 133 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 129 लोग जान गंवा चुके हैं। औसतन हर दुर्घटना में एक मौत हुई। वहीं 44 लोगों की मौत तो पिछले साल (2025 में) हुए 25 एक्सीडेंट में ही हुई। शुक्रवार को जहां सड़क हादसा हुआ, वह भी इन्हीं स्पॉट में से एक है। 2025 का आंकड़ा सबसे ज्यादा चिंताजनक है। 25 दुर्घटनाओं में 44 मौतें बताती हैं कि अब हादसे सिर्फ टक्कर नहीं रह गए, बल्कि जानलेवा बनते जा रहे हैं। तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियंत्रण की कमी इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है।


