सर्दी का मौसम शुरू होते ही चंबल नदी से निकलकर जलीय जीव, खासकर मगरमच्छ, धूप सेंकने के लिए बाहर आने लगे हैं। इसी क्रम में शनिवार को जावदा गांव के पास एक खेत में विशालकाय मगरमच्छ के पहुंचने से हड़कंप मच गया। मगरमच्छ को देख खेत पर काम कर रहे किसान दहशत में आ गए। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वनपाल मुकेश पालीवाल ने बताया कि जावदा गांव के पास खेत में मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही उपवन संरक्षक विजयशंकर पांडे और सहायक वन संरक्षक शोभाराम गुर्जर के निर्देशानुसार क्षेत्रीय वन अधिकारी नारायण सिंह कच्छावा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पाया गया कि मगरमच्छ मादा है, जिसकी लंबाई लगभग 12 फीट और वजन करीब 80 किलो था। टीम ने रस्सी और आवश्यक उपकरणों की मदद से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से राणा प्रताप सागर बांध में छोड़ा गया। रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों का सहयोग रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग की टीम के साथ जावदा नाका प्रभारी प्रभुलाल जाट, छितर धाकड़, राजेश धाकड़, राजेश विजयवर्गीय, अर्जुन धाकड़, कमलेश, भरत, अशोक, बंटी, शंकर, और दिनेश सहित कई ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सर्दी के मौसम में नदी के आसपास काम करते समय सतर्क रहें। किसी भी जलीय जीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।


