राशन कार्डों की जांच करने घर-घर पहुंचेंगी टीम:12 हजार जरूरतमंदों को पर्ची का इंतजार क्योंकि अपात्र डकार रहे हैं उनका राशन

नए पात्र परिवारों की पहचान होने के बाद भी खाद्य विभाग ने छह महीने से पर्ची रोक रखी हैं। अकेले ग्वालियर जिले में ही ऐसे लोगों की संख्या 12 हजार से अधिक हो गई है। यह स्थिति राशन ले रहे परिवारों की आबादी के हिसाब से संख्या अधिक होने से बनी है। इसी कारण अब जांच के बाद कुछ परिवार व इनके सदस्य हटेंगे। जांच के छह बिंदु तय हो चुके हैं। जिले के अधिकारी एक सप्ताह से सूची का इंतजार कर रहे हैं, ताकि जांच प्रारंभ हो सके। अभी पोर्टल बंद है। मुख्यालय ने जिलास्तर पर जांच के लिए जो छह बिंदु तय हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। जांच ऐसे पात्र परिवारों की होनी है जो एक सदस्यीय हैं, दो सदस्यीय हैं, एक घर में 7 से 10 सदस्य और 10 से अधिक सदस्य हैं, सभी सदस्य 18 साल से कम उम्र वाले या फिर सभी 80 साल से अधिक उम्र के शामिल हैं। इनकी जांच के लिए टीम घर-घर पहुंचेगी। यह काम अगले सप्ताह से प्रारंभ होने की उम्मीद है। सीएम हेल्पलाइन पर हुईं 285 शिकायतें
राशन न मिलने से परिवार परेशान हैं इनमें से 285 ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज करा दी हैं। इनमें 194 नई राशन पर्ची न मिलने से जबकि 91 परिवार के नए सदस्य शामिल नहीं होने से परेशान हैं। शहर में ही 6947 परिवार संदेह के दायरे में
शहर सीमा में ही 6 हजार 947 परिवार संदेह के दायरे में हैं। इनमें 349 की उम्र पोर्टल पर 14 साल से कम और 60 से 90 साल उम्र वाले 6 हजार 565 तथा 90 साल से अधिक उम्र वाले 33 लोग दिखाई दे रहे हैं। बाजार से राशन लेने को मजबूर परिवार
महाराजा कॉम्पलेक्स डीडीनगर के राजेश कुमार सिंह राशन पर्ची न मिलने से परेशान हैं। इनके साथ फॉर्म भरने वाले कई लोगों की पर्ची आ चुकी है। इसी कारण अगस्त में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। पुरानी छावनी के खेत मजदूर सुरेश सिंह ने कहा कि इन दिनों बाजार से राशन ले रहा हूं। सारे दस्तावेज लगा दिए हैं पर पर्ची नहीं बनी है। सूरजपुर के रामवरन सिंह तोमर ने कहा कि सचिव ने कहा कि अभी पर्ची नहीं बन रही है, सरकार ने रोक लगा दी है। काम नहीं हुआ तो एक महीने पहले सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है पर अभी निराकरण नहीं हुआ है। प्रदेश भर में 8.58 लाख अधिक हुए पात्र हितग्राही परिवार
प्रमुख सचिव खाद्य ने 8 जनवरी को अक्टूबर के आंकड़ों के आधार पर जिलों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2011 की आबादी के हिसाब से 75 फीसदी अर्थात 546.42 लाख पात्र परिवार की सीमा प्रदेश में तय है। वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक शामिल हो रहे हैं। इसी कारण प्रदेश में पात्र हितग्राहियों की संख्या अब 555 लाख तक पहुंच गई है। यह निर्धारित सीमा से 8.58 लाख अधिक है। केंद्र का अतिरिक्त आवंटन देने से इनकार
लिमिट से अधिक पात्र परिवार व एक देश एक राशन का सिस्टम लागू होने से कई बार प्रदेश व जिले में खाद्यान्न के अतिरिक्त आवंटन की जरूरत होती है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत अब तय सीमा से अधिक आवंटन से इनकार कर दिया है। अब जांच के बाद संदिग्ध परिवार पोर्टल से हटाए जाएंगे। पांच साल पहले भी बनी थी ऐसी स्थिति
संदेह के आधार पर कुछ कैटेगरी के परिवारों की जांच होनी है। इसका आदेश आ चुका है। जिले के जिन पात्र परिवारों पर संदेह है उनकी सूची आने के बाद जांच चालू हो जाएगी। पांच साल पहले भी ऐसी ही स्थिति बनी थी। अगस्त से नई पात्रता पर्ची जारी नहीं हुई हैं।
-विपिन श्रीवास्तव, जिला आपूर्ति नियंत्रक

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