राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 29 दिसंबर को जमशेदपुर आएंगी। वे करनडीह स्थित जाहेरथान में ओल चिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। ओल चिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन 22 दिसंबर से देश भर में शुरू हुआ है। इसका समापन जमशेदपुर में होगा, जहां राष्ट्रपति मुर्मू समारोह को संबोधित करेंगी और कई लोगों को सम्मानित भी करेंगी। प्रशासनिक महकमा युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा राष्ट्रपति के आगमन को लेकर राज्य और जिला स्तरीय प्रशासनिक महकमा युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। इसी क्रम में राज्य के वाणिज्य कर सचिव अमिताभ कौशल और एडीजी मनोज कौशिक ने जमशेदपुर पहुंचकर करनडीह स्थित जाहेरथान का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों जिलों के वरीय प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभा स्थल का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रपति के आने-जाने के मार्ग, आम लोगों व मीडिया कर्मियों के बैठने की व्यवस्था सहित पूरे कार्यक्रम की जानकारी ली। सभा स्थल को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा रहा है। अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जमशेदपुर सर्किट हाउस में लंच करेंगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति जमशेदपुर परिसदन (सर्किट हाउस) में ठहरेंगी, जहां वे दोपहर का भोजन करेंगी। राष्ट्रपति के लिए पूरी तरह सात्विक भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें लहसुन और प्याज का प्रयोग नहीं होगा। राष्ट्रपति नारियल पानी का भी सेवन करेंगी। राष्ट्रपति के लिए भोजन तैयार करने और परोसने की जिम्मेदारी शहर के एक नामी होटल को सौंपी गई है। इसके लिए नए बर्तनों की खरीद की जा रही है। विशेष शाखा के माध्यम से राष्ट्रपति का भोजन बनाने-परोसने वाले होटल कर्मियों के बैंकग्राउंड की गहन जांच कराई जा रही है। राष्ट्रपति के साथ आने वाले तीन हेलीकॉप्टर पायलट, सेना के अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और अन्य स्टाफ सहित कुल लगभग 100 लोगों के भोजन की व्यवस्था भी इसी होटल को सौंपी गई है। 28 दिसंबर को दिन में मॉक ड्रिल किया जाएगा सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मी और एनएसजी के जवान 26 दिसंबर को शहर पहुंचेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्ग पर मॉक ड्रिल शुरू की जाएगी। जिला प्रशासन ने पहला और दूसरा मॉक ड्रिल रात में करने का फैसला किया है। उस समय सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रहती है। 28 दिसंबर को दिन में ट्रैफिक को रोककर फाइनल मॉक ड्रिल किया जाएगा। 29 दिसंबर को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक शहर व आसपास नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस दौरान ड्रोन, पैराग्लाइडिंग आदि पर रोक रहेगी। झारखंड सरकार के सचिव डॉ अमिताभ कौशल व आईजी मनोज कौशिक मंगलवार को प्रशासन की ओर से करनडीह जाहेरथान व एनआईटी परिसर में किए गए इंतजाम व सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स के परिजनों को एंट्री नहीं मिलेगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 29 दिसंबर को एनआईटी जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह में 1080 छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी। सुरक्षा के चलते छात्रों के परिजनों को समारोह में प्रवेश नहीं मिलेगा और मीडिया को स्टेज से 100 फीट दूर रखा जाएगा। 28 दिसंबर को फाइनल रिहर्सल होगी। इसमें सभी स्टूडेंट्स, शिक्षक और अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरा एनआईटी परिसर सजाया जा रहा है। पेड़ों, इमारतों की रंगाई-पुताई, नई पौधरोपण और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासन और संस्थान की संयुक्त कोशिश है कि राष्ट्रपति का यह दौरा पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामयी बने।


