करौली के गवर्नमेंट कॉलेज में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन और एक्शन एड-यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के सशक्तिकरण और समान अधिकारों को बढ़ावा देना था। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “एक उज्ज्वल भविष्य के लिए बालिकाओं को सशक्त बनाना” है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसरों की समानता को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने इस पहल को महिला-नेतृत्व वाले विकास और विकसित भारत के विज़न से जोड़ा। समिति सदस्य फजले अहमद ने बालिकाओं से संबंधित कानूनों, जैसे पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट और समिति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उनके अधिकारों की जानकारी दी। प्रिंसिपल रफिक अहमद ने बालिकाओं की शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल समावेशन, एसटीईएम क्षेत्रों में भागीदारी, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, हिंसा से सुरक्षा और नेतृत्व के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। महिला अधिकारिता विभाग की जिला ब्रांड एम्बेसडर अनिता मीणा ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत बालिकाओं की शिक्षा और नामांकन दर में हुई प्रगति की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र राधारमण सारस्वत ने नालसा की विधिक सेवा योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी दी। चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी भीकम सिंह ने 1098 नंबर के महत्व पर प्रकाश डाला। महिला थानाधिकारी सोनभद्र ने कालिका यूनिट, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति अभियान के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर, स्टाफ, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।


