राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर शुक्रवार को जोधपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि आयोग में उनके अध्यक्षीय कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण हो गया है और इस अवधि में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा व सशक्तिकरण को लेकर ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग इन तीनों मूल विषयों पर केंद्रित रहते हुए सतत रूप से कार्रवाई कर रहा है तथा पिछले वर्ष के दौरान कई उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। राहाटकर ने बताया कि देशभर से महिलाओं की लाखों शिकायतें आयोग तक पहुंचती हैं। कई महिलाएं दिल्ली तक नहीं पहुँच पातीं, इसलिए आयोग ने उनके द्वार तक जाने की पहल की है। इसके तहत “राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार” नाम से विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सिर्फ 6 महीने में 75 से अधिक सुनवाइयां की गईं और पीड़ित महिलाओं को राहत देने के प्रयास किए गए। पश्चिम बंगाल की स्थिति पर चिंता व्यक्त पश्चिम बंगाल में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर उन्होंने चिंता जताई। रहाटकर ने कहा कि आयोग वहाँ की व्यवस्थाओं पर नजर रखते हुए समस्याओं को सुलझाने के लिए कदम उठा रहा है। महिलाएं बेझिझक बोलें, आयोग उनके साथ है उन्होंने कहा कि राजस्थान की महिलाएं अपनी समस्याएं खुलकर नहीं रख पातीं, इस सवाल पर विजया राहाटकर ने कहा कि यह सच है कि राजस्थान की महिलाएं शर्मीली होती हैं और अक्सर सामाजिक बंधनों तथा बदनामी के भय से शिकायत दर्ज नहीं करा पातीं। उन्होंने कहा कि मैं सभी महिलाओं से कहना चाहती हूँ कि राष्ट्रीय महिला आयोग आपके लिए बना है। डरें नहीं, बेझिझक होकर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएँ। हम हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।


