राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के निर्देशक डॉ. व्ही. के. अग्रवाल ने विवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को सकारात्मक सोच, संतोषी प्रवृत्ति और सामाजिक सरोकार अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इन्हीं मूल्यों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त किया। आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. डॉली पांडे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का युवाओं को प्रेरित करने और भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समाज कार्य विभाग की सहायक प्राध्यापक रुक्मणि अग्रवाल ने विवेकानंद के जीवन की प्रेरक घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वे समय का सदुपयोग कर निरंतर सीखते रहने में विश्वास रखते थे और हर चुनौती को स्वीकार कर लक्ष्य की ओर अग्रसर रहते थे। चार योगों के माध्यम से आत्मसाक्षात्कार का मार्ग दिखाया: डॉ. मंजू सिंह ठाकुर योग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह ठाकुर ने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने कर्म योग, भक्ति योग, ज्ञान योग और राज योग को जीवन में विशेष महत्व दिया। योग का उद्देश्य आत्मसाक्षात्कार और मानव कल्याण है। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस प्रभारी डॉ. दीपिका अवधिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापक रिदवाना हसन ने किया।


