भास्कर न्यूज | धमतरी जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 9 दिसंबर को हुई, जिसमें गौधाम योजना के बेहतर क्रियान्वयन, निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं के संरक्षण और आधुनिक गौधामों की स्थापना पर विस्तृत चर्चा की गई। पशुधन विभाग के अतिरिक्त उप संचालक डॉ. टीआर वर्मा ने नस्ल सुधार पर जोर दिया। डॉ. मरकाम ने बताया कि जिले में इच्छुक संस्थाओं से गौधाम संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रथम चरण में राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास के गांवों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में निराश्रित, घुमंतू और जब्त पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण, चिकित्सा व पुनर्वास किया जाएगा। दुर्घटना में घायल व कमजोर पशुओं की देखरेख भी प्राथमिकता में होगी। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि घुमंतू व बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय व संरक्षण मिले। वास्तविक अर्थों में गौसेवा का विस्तार ही योजना का प्रमुख लक्ष्य है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि चयनित गोठानों के साथ सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के ऐसे गौठानों का चयन किया जाए, जहां पर्याप्त जमीन, पेयजल, बिजली और हरे चारे की उपलब्धता हो। इससे किसी भी पशु को असुविधा न हो और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया सुचारू रहे। छत्तीसगढ़ राज्य गोसेवा आयोग की जिला समिति अध्यक्ष हेमराज सोनी ने योजना के मूल उद्देश्य बताए। उन्होंने कहा कि निराश्रित और घुमंतू पशुओं को आश्रय देना, गौ-उत्पादों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और समाज में गोसेवा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना योजना की प्राथमिकता है।


