राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: लोगों को दी सीपीआर की जानकारी, बताए प्राथमिक उपचार के तरीके

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जहाँ देशभर में जागरूकता अभियान चल रहे हैं। भरतपुर जिला प्रशासन ने एक अनूठी और जीवनरक्षक पहल की। विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य द्वार और शहर के व्यस्ततम बिजली चौराहे पर एक महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद सिर्फ नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को एक ”अग्रदूत” यानि ”गुड समरिटन” बनाना था। प्रशिक्षकों ने आम नागरिकों, पर्यटकों, स्थानीय वाहन चालकों और युवाओं को सिखाया कि किसी भी सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद क्या करना है, ताकि घायल की जान बचाई जा सके। इस जागरूकता अभियान में मनीष शर्मा (सहायक प्रोग्रामर), कामिनी सिंह (सूचना सहायक) और भावना तोमर (सूचना सहायक) मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को दुर्घटना स्थल पर जीवन रक्षक बनने के लिए कई व्यावहारिक टिप्स दिए गए। सबसे पहले दुर्घटना स्थल के आसपास वाहनों की रफ्तार को धीमा कराना और भीड़ को नियंत्रित करना। घायल व्यक्ति की हालत का आकलन करना और CPR (कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन), रक्तस्राव रोकना, फ्रैक्चर हैंडलिंग जैसे प्राथमिक उपचार करने का प्रशिक्षण दिया गया। 108 या 102 एम्बुलेंस और पुलिस को तुरंत कैसे और क्या जानकारी देनी है, इस पर विस्तार से बताया गया। दुर्घटना के समय मदद करने वाले व्यक्ति की अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है, इस पर भी जोर दिया गया। पर्यटकों तक पहुंचा सुरक्षा का संदेश… यह आयोजन केवलादेव घना पक्षी विहार जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर होने के कारण और भी महत्वपूर्ण रहा। यहाँ देश-विदेश से आने वाले हजारों पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों तक सड़क सुरक्षा का संदेश सीधे और प्रभावी ढंग से पहुँचाया गया। प्रशिक्षण देखकर कई पर्यटकों ने भी इसमें हिस्सा लिया और इस पहल की सराहना की।

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