राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से समाज में जागरण के उद्देश्य से एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया। यह कार्यक्रम एकता जागरण समिति के सहयोग सें हिंदू समाज की ओर सें किया गया था।यह आयोजन सुदर्शनपुरी शाखा स्थल रामलीला ग्राउंड, ऐशबाग में किया गया।सम्मेलन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। आयोजन स्थल पर राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के प्रति एकजुटता का भाव स्पष्ट रूप से देखा गया।सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक राजकुमार थे। उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा,जबरन धर्मांतरण और निर्मम हत्याओं का उल्लेख किया। संगठित समाज ही अपने अस्तित्व की रक्षा कर सकता राजकुमार ने कहा कि यह स्थिति पूरे हिंदू समाज के लिए एक चेतावनी है।उन्होंने जोर दिया कि बिखरा हुआ समाज कमजोर होता है, जबकि संगठित समाज ही अपने अस्तित्व और सम्मान की रक्षा कर सकता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से एकजुट रहने और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। दुर्गा वाहिनी की पूर्व संयोजक रागिनी रस्तोगी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।उन्होंने कहा कि आज हिंदू समाज अपनी सनातन परंपराओं, भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को छोड़कर तेजी से पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहा है। रागिनी रस्तोगी ने इस प्रवृत्ति को समाज में विघटन का कारण बताया।उन्होंने चेतावनी दी कि अपनी जड़ों से कटकर कोई भी समाज सुरक्षित नहीं रह सकता। बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति पूरी दुनिया देख रही अयोध्या से आए हनुमानगढ़ी के संत पूज्य भीम दास महाराज ने भी अपने संबोधन में कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति पूरी दुनिया देख रही है।उन्होंने जोर दिया कि ऐसे समय में हिंदू समाज को जाति, वर्ग और क्षेत्र के भेदों से ऊपर उठकर एक मंच पर आना होगा।महाराज ने धर्म, संस्कार और संस्कृति की रक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।कार्यक्रम का संयोजन हरीश कनौजिया और कार्तिकेय द्विवेदी ने किया।इस अवसर पर अवधेश मिश्रा, संतोष यादव, स्थानीय पार्षद राजीव बाजपेई, संदीप शर्मा और साकेत शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश धानुक ने किया।


