भास्कर न्यूज | गरियाबंद उपजेल गरियाबंद में वर्षों बाद शुरू हुए बॉउंड्रीवाल निर्माण ने आमदी और शिक्षण नगर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जेल परिसर से होकर गुजरने वाले वर्षों पुराने आवागमन मार्ग के बंद होने की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपकर तत्काल मार्ग सुरक्षित करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार आमदी, सढ़ौली, कुरूंभाठा, लोहारलारी सहित कई गांवों को जिला चिकित्सालय गरियाबंद से जोड़ने वाला यह रास्ता नजदीकी और त्वरित मार्ग है। इसी रास्ते से आदिवासी छात्रावास, कमार छात्रावास एवं अनुसूचित जाति छात्रावास के छात्र इलाज और आपात स्थितियों में अस्पताल पहुंचते हैं। वर्तमान में उप जेल प्रशासन द्वारा इसी मार्ग पर बॉउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा है। यदि यह रास्ता पूरी तरह बंद हुआ तो ग्रामीणों को जिला अस्पताल और गरियाबंद रायपुर मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 2 से 3 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। ज्ञापन सौंपने गए पूर्व जनपद उपाध्यक्ष प्रवीण यादव, पूर्व जनपद सदस्य युगल समदरिया, उमेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे जेल सुरक्षा की जरूरत को समझते हैं, लेकिन जनहित और स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुए वर्षों पुराने इस मार्ग का वैकल्पिक समाधान या निर्धारित चौड़ाई के साथ रास्ता छोड़ा जाना जरूरी है। ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र ग्राम पंचायत आमदी और नगर पालिका गरियाबंद, दोनों की सीमा से जुड़ा हुआ है। वर्षों से उपयोग में आ रहे इस सार्वजनिक मार्ग को पूरी तरह बंद करना जनहित के खिलाफ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बॉउंड्रीवाल निर्माण के दौरान कम से कम 30 फीट चौड़ा रास्ता छोड़ा जाए, जिससे आवागमन और चिकित्सा सुविधा बाधित न हो। इससे परेशानी होगी।


