इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ललितपुर जिला जेल के सेवानिवृत्त डिप्टी जेलर शशिकांत त्रिपाठी से अधिक भुगतान की वसूली पर रोक लगा दी। साथ ही पुनरीक्षित वेतन के अनुसार याची को बकाया सेवानिवृत्ति परिलाभो का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर चार हफ्ते में जवाब मांगा है और अगली सुनवाई की तिथि 28 फरवरी नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने याची शशिकांत त्रिपाठी की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि 30 जून 24 को डिप्टी जेलर पद से वह सेवानिवृत्त हुआ। इसके बाद जेल अधीक्षक ललितपुर ने 9 दिसंबर 24 को 5,30,187 रूपये की वसूली का आदेश दिया।जिसे चुनौती दी गई है। याची का कहना है कि वेतन निर्धारण विभाग द्वारा किया गया है। इसमें याची की कोई भूमिका नहीं है।
गलत वेतन निर्धारण के कारण याची को अधिक वेतन का भुगतान किया गया है। जिसके लिए याची को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और याचिका पर सरकार से जवाब मांगते हुए वसूली पर रोक लगा दी है।


