रांची | रिम्स को विभिन्न बीमारियों के निदान व उपचार के लिए दिशा-निर्देश विकसित करने के उद्देश्य से 16.5 लाख रुपए का अनुदान मिला है। भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने परियोजना के लिए रिम्स को तकनीकी संसाधन केंद्र के रूप में चुना है। लैब मेडिसिन विभाग के डॉ. अमित कुमार परियोजना के प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर हैं। मंगलवार को रिम्स के लैब मेडिसिन विभाग द्वारा डायग्नोस्टिक टेस्ट स्टडी मेटा एनालिसिस पर हुई कार्यशाला में उक्त जानकारी दी गई। दो दिवसीय कार्यशाला में रिम्स के अलावा उषा मार्टिन विश्वविद्यालय, एसबीएमसीएच हजारीबाग, झारखंड राय विश्वविद्यालय, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय और आईसीएमआर-एनआईआरबीआई-एनआईसीईडी कोलकाता सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के 30 से अधिक चिकित्सकों व प्राध्यापकों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को साक्ष्य-आधारित परीक्षणों के विषय पर शिक्षित करना था। कार्यशाला में प्रतिभागियों को परीक्षण में मेटा-एनालिसिस में प्रगति और कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी दी गई।


