रिम्स निदेशक ने जलजमाव का हल निकालने का दिया निर्देश

रिम्स परिसर में जलजमाव की समस्या पर सोमवार को रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। जलजमाव की गंभीरता को देखते हुए रिम्स अभियंता और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) को इसका त्वरित एवं स्थायी समाधान निकालने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान निदेशक के साथ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिरेन बिरुआ और अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी भी मौजूद थे। बताते चलें कि दैनिक भास्कर ने रिम्स में जलजमाव की समस्या पर रविवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इधर, निरीक्षण के दौरान निदेशक ने सबसे पहले ओपीडी कॉम्प्लेक्स स्थित नए सेंट्रल लैब का जायजा लिया और इसके मुख्य द्वार व काउंटर-5 के सामने बन रहे नए काउंटर को शीघ्र पूरा करने को कहा। ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। इसके बाद मरीजों से बातचीत में निदेशक को सकारात्मक फीडबैक भी मिला। शौचालय की ओर बढ़ने पर इसकी स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिस पर डॉ राज कुमार ने 10 नए शौचालय (5 पुरुष, 5 महिला) बनाने का निर्देश दिया। पोल पर टेलीकॉम कंपनियों के केबुल दिखे, तो होंगे जब्त भास्कर ने उठाया था मुद्दा सिटी रिपोर्टर | रांची राजधानी की प्रमुख सड़कों पर डिवाइडर के बीच में लगे बिजली के पोल के उपर विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों की आेर से जैसे-तैसे केबुल लगाकर छोड़ दिया गया है। बिजली के तार भी मकड़ जाल की तरह फैले हुए हैं। इससे शहर की सूरत बिगड़ रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर विकास सचिव सुनील कुमार ने नगर निगम सहित सभी निकायों को निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि बिना अनुमति के टेलीकॉम कंपनी, केबल आपरेटर द्वारा शहरी क्षेत्र में केबल एवं तारों को बेतरतीब ढंग से लगाया जा रहा है। केबुल जहां-तहां झूलते रहते हैं, इससे हादसे की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए इन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करें। एनआेसी लेकर लगाए गए केबुल वायर को अंडरग्राउंड कराएं। अगर अवैध लगाया गया है, तो उसे जब्त करें। इसके अलावा जलापूर्ति पाइपलाइन, गैस पाइपलाइन के लिए सड़कें खोदी गई है तो उन गड्ढ़ों की मरम्मत तत्काल करें। अगर गड्ढ़ा छोड़ दिया जाता है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करें। सचिव ने कहा है कि शहर में जहां-तहां लगे होर्डिंग कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी लगे रहते हैं। इसे हर हाल में हटाएं आैर उस पर खर्च होने वाली राशि वसूले।

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