रिम्स : 2025 में 8.5 लाख ने ओपीडी में कराया इलाज, 63 हजार सर्जरी भी

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक दायरा देखने को मिला। पूरे साल में रिम्स की ओपीडी में 8 लाख 58 हजार 977 मरीजों ने इलाज कराया, जबकि 78,101 मरीजों को भर्ती (आईपीडी) किया गया। गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ-साथ सर्जरी, जांच और प्रसव सेवाओं में भी रिम्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इधर, रिम्स में इलाज के दौरान 10,165 मरीजों की मौत भी दर्ज की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मरीज निजी अस्पतालों से रेफर होकर आए थे, जिन्हें अत्यंत गंभीर अवस्था में रिम्स भेजा गया था। रिम्स में वर्ष 2025 के दौरान कुल 63,926 सर्जरी की गईं। इनमें 20,995 मेजर और 42,931 माइनर सर्जरी शामिल हैं। आंकड़ा दर्शाता है कि रिम्स न केवल सामान्य इलाज, बल्कि जटिल और गंभीर सर्जरी का भी प्रमुख केंद्र है। 1.40 लाख जांच, रेडियोलॉजी पर दबाव
एक साल में कुल 1,40,779 जांचें की गईं। एक्स-रे 90,758 मरीजों की हुई। अल्ट्रासाउंड 23,868 और सीटी स्कैन 26,153 शामिल हैं। रेडियोलॉजी विभाग पर भारी दबाव रहा। वहीं 35,735 ईसीजी व 17,580 इको-कार्डियोग्राफी हुई। रिम्स में 2025 में 5214 बच्चों का जन्म
रिम्स में साल 2025 में 5214 नवजात शिशुओं का जन्म हुआ। इनमें 2,773 लड़के और 2,441 लड़कियां शामिल हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में रिम्स की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मरीज निजी अस्पतालों से रेफर होकर आए थे, जिन्हें अत्यंत गंभीर अवस्था में रिम्स भेजा गया था। रिम्स में वर्ष 2025 के दौरान कुल 63,926 सर्जरी की गईं। इनमें 20,995 मेजर और 42,931 माइनर सर्जरी शामिल हैं। आंकड़ा दर्शाता है कि रिम्स न केवल सामान्य इलाज, बल्कि जटिल और गंभीर सर्जरी का भी प्रमुख केंद्र है।

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