आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसीबी ने बुधवार को निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र शर्मा से पूछताछ की। एसीबी ने शर्मा से लंबी पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि वह कब से विनय चौबे के सीए हैं और किस अवधि से उनकी आय, निवेश व संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का लेखा-जोखा संभाल रहे हैं। पूछताछ के दौरान आय के स्रोतों, खर्च और संपत्ति अर्जन के तरीकों पर विशेष फोकस किया गया। उल्लेखनीय हो कि रांची एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में विनय चौबे समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में जांच में सामने आया है कि विनय चौबे के पास ज्ञात आय से करीब 53 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई है। जांच के मुताबिक, विनय चौबे ने नौकरी के दौरान करीब 2.20 करोड़ रुपए की वैध आय अर्जित की, जबकि उनके और उनके सहयोगियों व परिजनों के खातों में लगभग 3.47 करोड़ रुपए का प्रवाह मिला। इस आधार पर एसीबी का दावा है कि विनय चौबे के पास करीब 1.27 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति है। आरोप है कि यह संपत्ति उन्होंने पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर अवैध तरीके से अर्जित की। अब उपेंद्र शर्मा से पूछताछ के आधार पर एसीबी आगे की कार्रवाई तेज कर सकता है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर मामले में एसीबी ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सरहज प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह समेत अन्य को नामजद आरोपी बनाया है। एसीबी के अनुसार जांच में सामने आया है कि विनय चौबे ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जिसे परिजनों और करीबी सहयोगियों के नाम पर निवेश किया गया।


