CBI ने बिलासपुर में रेलवे के जिस चीफ इंजीनियर को 32 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है, उसके ठिकानों में बेनामी संपत्ति मिलने का सिलसिला जारी है। CBI ने आरोपी अफसर और उसके भाई के ठिकानों में आय से अधिक संपत्ति की जब्त की है, जिसमें रांची, बिलासपुर और दिल्ली स्थित ठिकानों में छापेमारी के बाद 70 लाख कैश और एक किलो सोना जब्त किया है। वहीं, उसकी रांची में ज्वेलरी शॉप, डायमंड और रेडीमेड गारमेंट्स का शो रूम, फ्लैट्स और एक कॉम्प्लेक्स के साथ ही बेगुसराय में फैक्ट्री की भी जानकारी जुटाई है। दरअसल, CBI ने रेलवे में ठेका दिलाने के नाम पर अवैध वसूली करने और 32 लाख रिश्वत लेने के मामले का खुलासा करने के बाद आरोपी चीफ इंजीनियर विशाल आनंद की कुंडली खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि वो चर्चित अफसर रहे हैं। पिछले लंबे समय से बिलासपुर में पदस्थ रहे हैं। दो अलग-अलग पदों पर रहते हुए उन पर कई बार अनियमितताओं के आरोप भी लगे हैं। बिलासपुर ट्रांसफर होने से पहले विशाल आनंद रांची डिवीजन में तीन साल तक इंजीनियरिंग विभाग में सीनियर डीईएन (कोऑर्डिनेशन) के पद पर पदस्थ थे। साथ ही रेल कार्पोरेशन में भी पदस्थ रहे हैं। उनकी पोस्टिंग की जानकारी लेकर CBI की टीम दस्तावेज खंगाल रही है। 70 लाख कैश व 1 किलो सोना जब्त
बता दें कि CBI ने 25 अप्रैल को रांची में चीफ इंजीनियर विशाल आनंद के भाई कुणाल आनंद को झाझरिया कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी से 32 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था। इसके बाद बिलासपुर में चीफ इंजीनियर और घूस देने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी सुशील झाझरिया और उनके कर्मचारी मनोज पाठक को भी गिरफ्तार किया। चारों को गिरफ्तार करने के बाद CBI अपने साथ ले गई। वहां ले जाकर पूछताछ की गई। दावा किया जा रहा है कि पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आई है। इसके आधार पर चीफ इंजीनियर के रांची व बिलासपुर स्थित अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान रांची स्थित कुणाल आनंद के आवास से 20 लाख रुपए कैश और एक किलोग्राम सोना बरामद हुआ है। वहीं, बिलासपुर में विशाल आनंद के घर से करीब 18 लाख रुपए मिले हैं। हालांकि, CBI ने इसकी अधिकारिक जानकारी नहीं दी है। रांची में फ्लैट्स, काम्प्लेक्स, ज्वेलरी शो रूम, बेगू सराय में फैक्ट्री
रेलवे सूत्रों का कहना है कि रेलवे के अफसर विशाल आनंद ने अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों रुपए की संपत्ति बनाई है, जिसमें रांची में ज्वेलरी शॉप, डायमंड और रेडीमेड गारमेंट्स का शो रूम है। इसके साथ ही फ्लैट्स और एक कॉम्प्लेक्स व बिहार के बेगूसराय में एक फैक्ट्री संचालित होने की जानकारी भी मिली है। पुराने ठेकों की भी जांच
CBI इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। रिश्वतखोर चीफ इंजीनियर के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही। उसके और उसके रिश्तेदारों की संपत्ति की जानकारी जुटा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि CBI की टीम झाझरिया कंपनी के द्वारा जोन में किए गए अलग-अलग ठेकों की जांच कर रही है। यही वजह है कि टीम एक दिन पहले मंगलवार को जोन ऑफिस पहुंची थी। पुराने ठेकों में भी अनियमितता व भ्रष्टाचार के मामले सामने आ सकते हैं। ठेकेदार के दस्तावेजों की जांच
CBI की टीम ने रेलवे से जुड़े निर्माण कार्यों में शामिल झांझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के दफ्तर पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान कंपनी के रेलवे प्रोजेक्ट्स में संभावित अनियमितताओं की जांच की गई और दस्तावेज जब्त किए गए। बताया गया है कि झांझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को रेलवे के कई बड़े निर्माण कार्यों के ठेके मिले हैं। हाल के वर्षों में करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट इस कंपनी को आवंटित किए गए हैं। यही वजह है कि CBI इस कंपनी की पूरी डिटेल्स खंलाल रही है।


