कटनी जिले की रीठी तहसील में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी पंजीयन में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच के उपरांत, फर्जी पंजीयन में संलिप्त कंप्यूटर ऑपरेटर प्रीतम सिंह लोधी, सम्पत अग्रवाल (तिलगवां) और रंजना अग्रवाल (पत्नी संपत कुमार अग्रवाल) को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, खसरा सत्यापन में लापरवाही बरतने के आरोप में रीठी के तहसीलदार संदीप सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार इसरार खान को भी कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। इन सभी को तीन दिन के भीतर उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। कलेक्टर तिवारी ने इस पूरे मामले की जांच रीठी के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और बिलहरी के नायब तहसीलदार के संयुक्त दल से कराई थी। जांच में यह पाया गया कि कूटरचना करके धान का फर्जी पंजीयन किया गया था। इसी मामले में, कलेक्टर तिवारी ने ग्राम तिलगवां, तहसील रीठी निवासी मीराबाई पत्नी विनोद कुमार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में बताया गया है कि विपणन सहकारी समिति कटनी द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र में मीराबाई के नाम पर कृषक पंजीयन क्रमांक 226424000047 के तहत 19.37 हेक्टेयर रकबे का पंजीयन कराया गया था। इस पंजीयन में मीराबाई की सहमति के बिना अन्य व्यक्तियों के खसरे भी जोड़े गए थे। पिछले साल, मीराबाई के इसी पंजीयन क्रमांक पर 412 क्विंटल धान का विक्रय किया गया था। इसके लिए बैंक खाता नंबर 157001999804 में 9 लाख 47 हजार 599 रुपए का भुगतान भी हुआ था। इस बैंक खाते से संपत अग्रवाल की पत्नी रंजना अग्रवाल के बैंक खाता नंबर 157001971301 में 1 लाख 53 हजार रुपए अंतरित किए गए। इसके अतिरिक्त, 3, 4 और 6 जनवरी 2025 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रीठी से तीनों दिनों में 2-2 लाख रुपए का नकद आहरण भी किया गया। इन सभी तथ्यों से बैंक खाते के पंजीयन, फसल विक्रय और राशि के आहरण व अंतरण में मीराबाई की संलिप्तता स्पष्ट होती है।


