इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। रविवार को रीवा स्थित अपने अमहिया आवास में प्रेसवार्ता के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे घटना के बाद समय पर इंदौर नहीं पहुंचे और देरी से पहुंचे। डिप्टी सीएम ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना बेहद दुखद और दर्दनाक है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आपदा के समय नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे तुरंत पीड़ितों के बीच पहुंचें, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ऐसा नहीं कर सके। हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि घटना को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों दुखी हैं। डिप्टी सीएम के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष कविता शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह बयान उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा है। उन्होंने कहा कि इंदौर के महापौर भाजपा के हैं, शहर में भाजपा के दो मंत्री हैं और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना के बाद डिप्टी सीएम विपक्ष पर सवाल उठा रहे हैं। कविता शर्मा ने कहा कि इस शर्मनाक घटना के बाद सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए था, लेकिन वह अपनी नाकामी छिपाने के लिए राहुल गांधी पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि कई लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, इसके बावजूद सरकार और सरकार से जुड़े मंत्रियों को जरा भी शर्म नहीं आ रही है। भागीरथपुरा कांड को लेकर अब भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। एक ओर डिप्टी सीएम विपक्ष पर संवेदनहीनता का आरोप लगा रहे हैं, तो वहीं कांग्रेस सरकार को इस पूरे मामले का जिम्मेदार ठहरा रही है।


