शहर की समाजसेवी संस्था रूडसेट शहर के नौजवानों को स्किल्स सिखा रही है, ताकि नौजवान अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बन सकें। स्किल ट्रेनिंग के 28 कोर्स 18 से 45 वर्ष के युवक-युवतियों को सिखाए जा रहे हैं। इनमें ब्यूटी पार्लर से जुड़ी स्किल्स, मोबाइल रिपेयरिंग, पशु पालन, कुकिंग, अगरबत्ती बनाने, टू व्हीलर की रिपेयरिंग, टेलरिंग, ड्रेस डिजाइनिंग समेत दूसरे कोर्सेस शामिल हैं। अब तक शहर के 13 हजार से अधिक नौजवान ट्रेनिंग लेकर आजीविका कमाने के योग्य बन चुके हैं। संस्था के डायरेक्टर संजीव कुमार चौहान ने बताया कि साल 1982 में कर्नाटक में संस्था शुरू हुई थी। साल 2000 में इसका प्रवेश जालंधर में हुआ। संस्था के अध्यक्ष डॉ. डी. वीरेन्द्र हेग्गाडे व कैनरा बैंक की सोच को संस्था प्रशिक्षणों के जरिए युवाओं को उद्यमशील बनने के प्रति प्रेरित कर रही है। संस्था की ओवरऑल 27 ब्रांचें हैं। संस्था का फोकस… ट्रेनिंग देकर नौजवानों की मदद करना ही संस्था का मुख्य उद्देश्य पहल के बारे में … राशन 18 से 45 आयु वर्ग के युवक-युवतियों के लिए 28 कोर्सेज के जरिए स्किल्स सिखा रही संस्था संस्थान के फैकल्टी सदस्य परगट सिंह, मीनल, दीपिका, पंकज, विशाल ने बताया कि अब तक 350 से अधिक प्रोग्राम करवा चुके हैं। 25 बरस में 13500 युवक-युवतियों को ट्रेनिंग देकर उन्हें ट्रेनिंग दे चुके हैं। उन्होेंने कहा कि रूडसेट का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में स्वरोजगार के प्रति जोश, जुनून एवं जज्बे को पैदा करना तथा इसके प्रति गलत धारणाओं को दूर करने की कोशिश करना है। प्रशिक्षणार्थियों को नई-नई चुनौतियों से जूझने के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए संस्था के सीनियर फैकल्टी परगट सिंह से 9872190114 पर संपर्क किया जा सकता है।


