जालंधर| मंगलवार आठ जुलाई को प्रदोष व्रत है। भगवान शिव की पूजा और व्रत के लिए यह तिथि खास मानी गई है। विद्वानों के अनुसार, जो भक्त प्रदोष व्रत को सच्चे मन से रखते हैं, उस जातक की कुंडली से चंद्र दोष दूर होता है और मां गौरा और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शिव दुर्गा खाटू श्याम मंदिर के पुजारी गौतम भार्गव ने बताया कि व्रत करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। मन में प्रदोष व्रत को रखने का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर गंगा जल छिड़कें और शिव-पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय प्रदोषकाल में की जाती है। सूर्यास्त से लगभग एक घंटा पहले का समय प्रदोषकाल कहलाता है।


