भास्कर न्यूज | रांची/हजारीबाग हजारीबाग के चार साल पुराने बहुचर्चित रूपेश पांडेय(18) हत्याकांड में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को दोषी करार तीनों अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। अदालत ने मो. असलम अंसारी उर्फ असलम उर्फ पप्पू मियां, मो. कैफ और मो. गुरफान को सजा सुनाई। फैसले के समय अभियुक्तों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया था। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दो फरवरी को दोषी करार दिया था। अभियोजन के अनुसार 6 फरवरी 2022 को शाम पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गया था। विसर्जन जुलूस के दौरान उन्मादी भीड़ ने रूपेश की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले को लेकर बरही थाना में 27 आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 59/2022 दर्ज कराया गया था। सात फरवरी को पुलिस ने मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने दो सितंबर 2022 को हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया था। रूपेश पांडेय की मां उर्मिला पांडेय ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश रचने समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा चल रहा है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर वरीय पीपी प्रियांशु सिंह 15 गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया था।


