भास्कर न्यूज । हंटरगंज प्रखंड में बढ़ते गर्मी व तपिश से लोगों को रविवार शाम राहत मिला। पिछले एक सप्ताह से लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हो रहे थे। सुबह से लेकर दोपहर तक लोग भीषण गर्मी का अनुभव कर रहे थे। दोपहर बारिश के बाद लोगों को राहत मिली। रविवार को सुबह से आसमान हल्के बादलों ने डेरा डाल लिया, साथ ही दिन भर रुक रुककर धूप देखने को मिल रहा था लेकिन, उमस भरी गर्मी आमजन के पसीने छुड़ाती रही। दोपहर होते ही तेज हवा के साथ झमाझम बारिश होना शुरू हो गई। मौसम सुहाना हो गया और लोग घरों के बाहर गली ,सड़कों पर व घरों की बालकोनी पर मौसम का आनंद लेते दिखाई देने लगे। वहीं देर शाम तक आसमान पर बादल छाए रहे। तापमान में हो रहा उतार-चढ़ाव से रविवार को हंटरगंज प्रखण्ड का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। वही पिछले एक सप्ताह से अधिकतम तापमान 42 डिग्री रह रही थीं इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था।भीषण लू और उमस के कारण लोग दिन में घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे थे। बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी फिलहाल तापमान 35 डिग्री पर रही । अचानक बारिश से मौसम सुहावना हो गया और गर्मी से लोगों ने सुकून की सांस ली है। भास्कर न्यूज | हजारीबाग अखिल भारतीय यादव महासभा द्वारा संगठन के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे जनजागृति अभियान के अंतर्गत रविवार को हजारीबाग में रेजांगला युद्ध की पवित्र मिट्टी के साथ भव्य नगर भ्रमण किया गया। रविवार को प्रातः दस बजे हजारीबाग स्टेडियम से हज़ारों की संख्या में यादव समाज के लोग एकत्रित होकर नगर भ्रमण के लिए रवाना हुए।इस रैली मे अहीर रेजिमेंट के समर्थन मे नारे लगाये गए। यह रैली हजारीबाग शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई नगवां टोल प्लाजा तक पहुंची, जहां श्रद्धांजलि अर्पित कर कलश को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। इस आयोजन के माध्यम से केन्द्र सरकार से अहीर रेजिमेंट के गठन की माँग को जोरदार ढंग से उठाया गया, साथ ही जाति आधारित जनगणना के निर्णय की सराहना करते हुए केन्द्र सरकार का आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अखिल भारतीय यादव महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पीतांबर दास तथा संयोजक सविता यादव द्वारा किया गया। यादव महासभा की यह स्वर्ण जयंती यात्रा देशभर में भ्रमण कर रही है, जिसका प्रमुख उद्देश्य अहीर समाज को संगठित कर समाज के युवाओं में जागरूकता फैलाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और देश के लिए बलिदान देने वाले अहीर वीरों की गाथा को जन-जन तक पहुंचाना है। रेजांगला युद्ध की ऐतिहासिक गाथा को स्मरण करते हुए महासभा ने बताया कि यह युद्ध 18 नवम्बर 1962 को भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित रेजांगला दर्रे पर लड़ा गया था। इसमें भारतीय सेना की 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी, जिसे “अहीर कंपनी” कहा जाता है, ने असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हुए मात्र 120 सैनिकों के साथ 1300 से अधिक चीनी सैनिकों का सामना किया था। भीषण ठंड, अत्यल्प हथियार और अल्प भोजन के बावजूद जवानों ने आखिरी साँस तक लड़ते हुए 114 वीर जवानों की शहादत दी। यह युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे वीरतापूर्ण लड़ाइयों में गिना जाता है और आज भी यह देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक बना हुआ है। नगर भ्रमण करते लोग। वीरों की स्मृति का भारत माता चौक पर भावपूर्ण स्वागत किया इन्हीं वीरों की स्मृति में, रेजांगला की पावन धरती से लाई गई मिट्टी से भरे पवित्र कलश को अखिल भारतीय यादव महासभा द्वारा देशभर में यात्रा पर निकाला गया है। यह कलश शनिवार की शाम हजारीबाग पहुंचा, जहां भारत माता चौक पर भावपूर्ण स्वागत किया गया। इसके पश्चात कलश को बड़ा बाजार ग्वाल टोली चौक तक ले जाया गया, जहां एक सभा का आयोजन कर लोगों को राष्ट्रभक्ति तथा अहीर रेजिमेंट की मांग के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य रूप से अशोक यादव, अर्जुन यादव, कुणाल यादव, अमरदीप यादव, शैलेन्द्र यादव, जितेन्द्र यादव, बबलू यादव, अरुण यादव, प्रकाश यादव, रवि यादव, वरुण यादव, बसंत यादव, राजू गोप समेत हज़ारों यादव समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने रेजांगला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अहीर समाज की एकता का परिचय दिया।


