भास्कर न्यूज| लुधियाना शहर के कई रेजिडेंशियल इलाकों में प्राइवेट स्कूल बस ऑपरेटरों ने कॉलोनियों को ही अस्थायी बस स्टैंड में तब्दील कर दिया है। सुबह और शाम के समय इन बसों की लंबी कतारें स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। लोगों को न तो अपने घर के बाहर गाड़ी पार्क करने की जगह मिलती है और न ही सड़क से निकलना आसान होता है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दुगरी निवासी रविंदर कौर बताती हैं कि हमारे एरिया में रोज़ाना करीब 10 बसें खड़ी रहती हैं। घर आने वाले रिश्तेदारों को अपनी गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं मिलती। कई बार बस ड्राइवर तेज़ रफ़्तार में गलियों से निकलते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। जवाहर नगर के सुधीर कुमार का कहना है कि उनके इलाके में भी 10 से ज़्यादा प्राइवेट स्कूल बसें पार्क होती हैं। यहां पहले ही जगह कम है और हमेशा जाम की स्थिति रहती है। हमने कई बार नगर निगम और गलाडा को शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बीआरएस नगर में रहने वाले गुलबहार सिंह ने कहा कि यहां 20 फीट की सड़क पर बसें लाइन से खड़ी हो जाती हैं। अगर किसी को अपनी कार निकालनी होती है तो बहुत मुश्किल आती है। प्रशासन को बड़े कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर पाबंदी लगानी चाहिए।


