रेत के धोरों में आज कैमल फेस्टिवल का समापन:रायसर में देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच रस्साकस्सी, मुंह में आग के गोले रखेंगे जसनाथी युवा

बीकानेर में चल रहे कैमल फेस्टिवल का समापन आज रायसर के धोरों में होगा। अंतिम दिन के सभी कार्यक्रम बीकानेर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित रायसर गांव में होंगे। बड़े-बड़े सेंड ड्यून्स के कारण रायसर अब बीकानेर का नया ट्यूरिस्ट प्वाइंट बन चुका है और यहां का प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। रूरल स्पोर्ट्स से सजेगा आयोजन फेस्टिवल के अंतिम दिन रायसर में रूरल स्पोर्ट्स के तहत कई पारंपरिक प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें रस्साकशी, कबड्डी, कुश्ती, महिला मटका दौड़ और पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता शामिल है। इन खेलों के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच रेस आज देशी और विदेशी पर्यटकों के बीच विशेष रेस का आयोजन भी किया जाएगा। इस प्रतियोगिता को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह है और इसे फेस्टिवल के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया है। दोपहर बाद सेंड आर्ट और बाजार दोपहर बाद रायसर में सेंड आर्ट एग्जिबिशन लगाई जाएगी। इसके साथ ही हैंडीक्राफ्ट और फूड मार्केट भी सजाया जाएगा, जहां स्थानीय शिल्प, कलाकारी और पारंपरिक व्यंजनों की झलक देखने को मिलेगी। विदेशी पर्यटकों की प्रतीकात्मक शादी कैमल फेस्टिवल के समापन समारोह में विदेशी पर्यटकों की प्रतीकात्मक शादी भारतीय परंपराओं के अनुसार करवाई जाएगी। यह आयोजन हमेशा की तरह पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। ऊंट सफारी और रेस भी होंगी आकर्षण आज ऊंट सफारी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विदेशी पर्यटक ऊंटों पर सवार होकर रेत के धोरों में भ्रमण करेंगे। इसके अलावा ऊंट और घोड़ों की दौड़ भी सेंड ड्यून्स में फिर से करवाई जाएगी। इससे पहले शनिवार को कैमल रिसर्च सेंटर में भी ऊंट दौड़ आयोजित हुई थी। रात को अग्नि नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समापन दिवस की रात जसनाथी संप्रदाय के युवा अग्नि नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही देशभर से आए लोक कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समापन समारोह को यादगार बनाएंगे।

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