श्योपुर जिले में चंबल नदी से हो रहा अवैध रेत खनन अब आम लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। मंगलवार सुबह मानपुर और ढोढर थाना क्षेत्र की नहर रोड पर एक बड़ा हादसा हुआ। रेत से भरी ट्रॉली को बचाने के प्रयास में गिट्टी से भरे तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे श्योपुर-ढोढर नहर रोड पर पंजाबी डेरा स्कूल से लगभग 5 किलोमीटर आगे हुई। सामने से आ रहे अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर को बचाने की कोशिश में डंपर बेकाबू हो गया। इसी दौरान सड़क किनारे से गुजर रहे नयागांव डंडीखेड़ा, थाना बरगमा निवासी भुवनेश और लक्ष्मण डंपर की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों की सूचना पर डायल 112 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया। अस्पताल में उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अवैध रेत वाहनों के खौफ से नहर रोड बना हादसों का कारण प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि डंपर चालक ने अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर को बचाने का प्रयास न किया होता, तो यह हादसा टल सकता था। नहर रोड पर दिन-रात दौड़ रहे अवैध रेत के वाहन अब जानलेवा साबित हो रहे हैं, जिनके खौफ में दूसरे वाहन चालक भी असंतुलित होकर निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इस अवैध कारोबार की जानकारी स्थानीय प्रशासन, पुलिस, खनिज विभाग और चंबल नेशनल पार्क से जुड़े अधिकारियों तक को है। घड़ियाल रेंजर से लेकर डीएफओ और पीसीसीएफ तक शिकायतें की जा चुकी हैं, बावजूद इसके कार्रवाई न के बराबर है। हादसों के बाद पुलिस रिकॉर्ड में अक्सर ‘रेत के ट्रैक्टर’ का जिक्र तक नहीं किया जाता, ताकि अवैध खनन का मुद्दा दबा रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक सिस्टम की चुप्पी और कथित मिलीभगत की कीमत आम जनता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। इन घाटों से हो रहा अवैध खनन, नहर रोड बना कॉरिडोर मानपुर और ढोढर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंबल नदी के सांड़, ऊंचाखेड़ा और बगदरी घाट से दिनदहाड़े अवैध रेत खनन किया जा रहा है। माफिया ने मुख्य सड़कों से बचने के लिए नहर रोड को अपना सुरक्षित कॉरिडोर बना लिया है। रोजाना करीब 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर इसी रास्ते से रेत ढोते नजर आते हैं।


