प्रतियोगिता में स्पेशली एबल्ड खिलाड़ियों के लिए भी वर्ग रखा था। जिसमें कोटा के शाहिद बैग ने दो मैच जीते। शाहिद ने एक साल से ही शतरंज खेलना शुरू किया है। उनकी आखों में बचपन से ही 100 फीसदी रोशनी नहीं है, लेकिन वो बिना किसी हिचकिचाहट के शतरंज खेलते हैं। शाहिद बताते हैं कि उनकी बचपन में बीमारी के चलते रोशनी चली गई थी। शतरंज खेलना पसंद था तो जारी रखा। वे आगे भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। इसके लिए हर दिन 2 घंटे प्रैक्टिस करते हैं। कोटा के ही गोविंद सुमन की आंखों में 90 फीसदी रोशनी नहीं है। इसके बावजूद वे दो साल से शतरंज खेल रहे हैं। अब तक 3 प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके। आमने-सामने हुए सबसे छोटे व सबसे बड़े नेशनल प्लेयर: प्रतियोगिता में सबसे छोटे और सबसे बड़े खिलाड़ी आमने-सामने हुए। प्रतियोगिता के दूसरे राउंड में कोटा के 65 वर्षीय प्रवीण सक्सेना और 9 वर्षीय उर्विल मौर्य के बीच मुकाबला हुआ। दोनों के बीच मैच करीब 1 घंटे चला। प्रवीण सक्सेना की रेटिंग 2002 है, वहीं की उर्विल मौर्य की 1516 रेटिंग है। हालांकि, दोनों बीच हुए मुकाबले में प्रवीण ने बाजी मार ली। कोटा| जिला शतरंज संघ की ओर से स्टेशन रोड स्थित एक होटल में कोटा रेपिड ओपन शतरंज प्रतियोगिता हुई। उद्घाटन जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष प्रेम जे भाटिया व संजय पंड्या ने किया। इसमें प्रदेश समेत कई राज्यों से 100 से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए। नकद पुरस्कार के साथ ही 50 ट्रॉफियां व मैडल बांटे गए। समापन समारोह में राजेंद्र अग्रवाल व अनुराग अग्रवाल ने पुरस्कार वितरण किया। आयोजन सचिव मोहम्मद कासिम व ईश्वर शर्मा ने बताया कि ओवरऑल ओपन में पहला स्थान प्रवीणकुमार सक्सेना को मिला। उन्हें 21 हजार रुपए नकद, ट्रॉफी व मैडल दिया। द्वितीय मुकेश मंडलोई, तृतीय देवेंद्र कटारिया थे। रोनित दुसेजा, ध्रुव मोरजाल, अक्षत पुरोहित, मधुहास त्रिपाठी, राहुल सिन्हा, सार्थक महाजन तथा घृताक्षी लालवानी भी टॉप-10 शातिरों में हैं। याशिका शर्मा गर्ल्स एवं गोविंद मीना डिसएबल्ड कैटेगरी में अव्वल रहे। पहले तीन स्थानों पर रहे शातिर अंडर-7 : अर्पित सुमन, अगस्त पांड्या व पार्थसिंह। अंडर-9 : अहान पौराणिक, रूशांक भार्गव तथा जियोदित्य पांड्या। अंडर-11 : उर्विल मौर्य, व्योम अग्रवाल व दीवित अग्रवाल। अंडर-13 : पर्व गुप्ता, हिरवसिंह शेखावत व दिव्यांश अहीर। अंडर-15 : शौर्य चतुर्वेदी, जिवतेश तुली व जसवंत नागर। 55 वर्ष से अधिक : देवसिंह पवार, नेमीचंद चपलोत व मधुसूदन शर्मा। बालिका वर्ग : याशिका शर्मा, प्रियांशी शेखावत व अराध्या भाराद्वाज। स्पेशली डिसएबल्ड : गोविंद मीना, देवांश खंगार व शाहिद बैग। “


