रेलवे कम्युनिटी हाल बना खंडहर…चोरों ने दरवाजे खिड़कियां, पंखा, बिजली का स्विच तक नहीं छोड़ा

भास्कर न्यूज | अमृतसर बी-ब्लॉक रेलवे कॉलोनी में रेलवे की ओर से कर्मचारियों की सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया कम्युनिटी हॉल आज खंडहर में तब्दील हो चुका है। हालात यह हैं कि इस हॉल में पंखे, दरवाजे, खिड़कियां, बिजली के स्विच तक गायब हो चुके हैं। ग्राउंड की ओर से बना मुख्य गेट भी चोरी हो चुका है। बीते 2 साल में चोरों ने इस इमारत को इस कदर खाली कर दिया कि यहां ईंट-पत्थर के सिवाय कुछ नजर नहीं आता। चारों तरफ ऊंची-ऊंची झाड़ियां उग चुकी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हॉल अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन चुका है। शाम ढलते ही यहां संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। जानकारी के अनुसार रेलवे ने इस कम्यूनिटी हॉल को बड़े उद्देश्य के साथ तैयार कराया था। इसका मकसद यह था कि रेलवे कर्मचारी यहां विवाह समारोह, किसी कर्मचारी के निधन पर अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम और अन्य सामाजिक आयोजन कर सकें। इसके लिए कर्मचारियों से मात्र 5100 रुपए नाममात्र शुल्क तय किया गया था, जबकि बाहरी लोगों के लिए 15 हजार रुपए की बुकिंग फीस रखी गई थी। शुरुआती दौर में इस हॉल को अच्छा रिस्पांस भी मिला और लगातार बुकिंग होती रही, लेकिन बाद में रेलवे की ओर से बुकिंग के रेट बढ़ा दिए गए, जिसके बाद बुकिंग बंद हो गई। बता दें कि 13 मई 2015 को इस कम्युनिटी हॉल का उद्घाटन उत्तर रेलवे के जीएम एके पूठिया ने किया था। उस समय अमृतसर मंडल के डीआरएम अनुज प्रकाश थे। उद्घाटन के समय इसे रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात बताया गया था और इसके रखरखाव व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया गया था लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट साबित हुई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई इस संपत्ति की देखरेख रेलवे क्यो नहीं कर पाया। इतने लंबे समय तक चोरी होती रही, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। यह मामला रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही को दिखाता है। आज हालात यह हैं कि यह कम्युनिटी हॉल न तो उपयोग में है और न ही सुरक्षित। रेलवे वर्कशाप के सीडब्ल्यूएम किशन कुमार का कहना है कि वहां सिक्योरिटी का सारा सेटअप चाहिए। उसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं है, वह फिरोजपुर डिवीजन के पास है। हमें कभी हैंडओवर ही नहीं किया गया है। उसका उद्घाटन भी जीएम और डिवीजन के डीआरएम की ओर से किया गया था। वहीं फिरोजपुर रेलवे डिवीजन के डीआरएम संजीव कुमार से बात करने के लिए फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

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