उदयपुर सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने शहर के रेलवे स्टेशन की जमीन को निजी हाथों में सौंपने के फैसले पर विरोध जताया। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लेटर लिखकर मांग की है कि स्टेशन परिसर की लगभग 19 हजार 588 वर्गमीटर जमीन को 99 साल की लंबी लीज पर देने के लिए जो टेंडर (ई-निविदा) निकाला है, उसे तुरंत रद्द किया जाए। सांसद ने कहा- इस जमीन को भविष्य में रेल सेवाओं के विस्तार के लिए सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। वहीं सांसद डॉ. रावत ने रेल मंत्री को लेटर में लिखा- उमरड़ा में बन रहे रेलवे यार्ड को वर्तमान प्रस्तावित जगह से 2 किलोमीटर आगे बनाया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा जगह पर यूरेनियम मिलने की संभावनाओं के कारण स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। रेलवे यार्ड की जगह पर भी विरोध, यूरेनियम मिलने की संभावना सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने उमरड़ा में बन रहे रेलवे यार्ड को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि इस यार्ड को वर्तमान प्रस्तावित जगह से करीब 2 किलोमीटर आगे बनाया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा जगह पर यूरेनियम मिलने की संभावनाओं के कारण स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं, इसलिए जनहित को देखते हुए इसकी जगह बदली जानी चाहिए। उदयपुर-अहमदाबाद लाइन का काम पूरा होने के बाद अब उदयपुर से गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेनें चलने का रास्ता साफ हो गया है। आने वाले समय में स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होगा। ऐसे में रेलवे को नए ट्रैक बिछाने, ट्रेनों की धुलाई के लिए वॉशिंग एरिया बनाने और मेंटेनेंस यार्ड जैसी तकनीकी सुविधाओं के लिए जगह की जरूरत पड़ेगी। दो नई वंदे भारत ट्रेनों की मांग सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने रेल मंत्री को बताया- स्टेशन की जमीन को लीज पर देने के फैसले से आम जनता में नाराजगी है, इसलिए इस टेंडर को निरस्त कर जमीन का उपयोग केवल रेलवे की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- अगर रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) इस जमीन को कमर्शियल या रिहायशी काम के लिए लीज पर दे देता है तो भविष्य में रेलवे के पास विस्तार के लिए जमीन ही नहीं बचेगी। इससे विकास कार्यों में बड़ी बाधा आएगी। जमीन के मुद्दे के साथ ही सांसद डॉ. रावत ने रेल मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी की। बैठक में उन्होंने उदयपुर के विकास के लिए दो नई वंदे भारत ट्रेनों की पुरजोर मांग रखी। उन्होंने कहा- उदयपुर से दिल्ली और उदयपुर से सूरत के लिए वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जानी चाहिए। इन दोनों रूटों पर यात्रियों का दबाव रहता है। इसके अलावा उन्होंने उदयपुर-चित्तौड़गढ़ रेल लाइन को डबल करने और रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर रेल प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की।


