अजमेर के रेलवे अस्पताल के एक नर्सिंग ऑफिसर ने शनिवार शाम दौराई क्षेत्र में ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। जीआरपी को प्रारंभिक जांच में मृतक के पास सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उसने स्वेच्छा से आत्महत्या करने की बात लिखी है। शव को जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस जांच में जुटी है। मृतक रेलवे क्वार्टर, रेलवे कॉलोनी, हजारीबाग निवासी हरदेवा राम (30) पुत्र जस्साराम जाट है, जो मूल रूप से ग्राम उचेरिया, गच्छीपुरा, नागौर का रहने वाला है। वह रेलवे अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। उसकी वर्तमान में रेलवे अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में नाइट ड्यूटी लगी हुई थी। लेकिन वह शाम को करीब 6 बजे दौराई क्षेत्र में ब्यावर रेलवे लाइन पर चला गया और लाइन पर आ रही ट्रेन के आगे उसने छलांग लगा दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर जीआरपी थाना सीआई फूलचंद बालोटिया व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने शव को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी में मिले दस्तावेज के आधार पर उसकी पहचान की। पुलिस ने शव को जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। मृतक अजमेर में पत्नी व दो बच्चों के साथ में निवास करता था। उसका एक भाई जेएलएन अस्पताल व दूसरा भाई जोधपुर में कार्यरत है। ओला लेने के बाद से था परेशान
जीआरपी को जांच में मृतक के पास एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उसने लिखा है कि उसने जब से ओला गाड़ी खरीदी है, तब से वह बहुत परेशान हो गया है। इसलिए सुसाइड कर रहा है। उसने लिखा कि उसकी पत्नी को परेशान नहीं किया जाए और उसकी पत्नी को उसके आश्रित के रूप में जोधपुर स्थित डीआरएम ऑफिस में नौकरी दे दी जाए।


