रेलवे स्टेशनों पर चलेगा पाली का सिकोरा:3.50 लाख की मशीन किस्तों पर; 8 घंटे में बनते हैं 6000 कुल्हड़; रोजगार बढ़ेगा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेवा समिति (वृद्धाश्रम) पाली के मंच से कहा- अभी निर्णय भी ले लिया कि रेलवे में पाली के सिकोरे (कुल्हड़) का उपयोग किया जाएगा। इस फैसले के बाद सिकोरे के रोजगार से जुड़े लोगों में खुशी की लहर है। पाली में मशीन से बन रहे साफ-सुथरे सुंदर सिकोरे देख रेल मंत्री ने यह फैसला किया है। सिकोरे के जरिए लोगों को रोजगार से जोड़ रही है एक संस्था- लघु उद्योग भारती। 3.50 लाख की मशीन, 16 लगाई जा चुकी पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख बताते हैं- लघु उद्योग भारती ने सिकोरा उद्योग के लिए मशीन का निर्माण कराया। इस मशीन की लागत 3.50 लाख रुपए है। इससे मिट्‌टी के कई तरह के सिकोरे बनाए जा सकते हैं। गिलास और कप आकार के सिकोरों के अलावा अन्य आइटम भी तैयार किए जा सकते हैं। मशीन कम वक्त में अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्शन देती है। संस्था ने किस्तों पर मशीन लोगों को उपलब्ध कराई। अब तक 16 मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें से 12 पर रेगुलर काम हो रहा है। इनसे बनने वाले सिकोरे डिमांड में हैं। अब रेलवे से बड़ी डिमांड आएंगी तो रोजगार को पंख लग जाएंगे। सिकोरा बदल रहा लोगों का जीवन पाली शहर में मशीन से सिकोरा बनाने वाले कई लोगों के जीवन में बदलाव आ रहा है। लोग किस्तों पर मशीन उठा रहे हैं और सिकोरा उद्योग से जुड़ रहे हैं। रेलवे से डिमांड आने के बाद इसमें तेजी आएगी। रेलवे के जुड़ने से बढ़ेगा कुल्हड़ का बिजनेस पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने बताया- पहले जहां 8 घंटे में 800 से एक हजार सिकोरे ही बनते थे, वहीं अब इस मशीन से 8 घंटे में करीब 6 हजार सिकोरे बन जाते हैं। इससे इस काम से जुड़े लोगों की इनकम बढ़ने लगी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जब यह काम देखा तो काफी प्रभावित हुए और कहा कि पाली में बनने वाले मिट्‌टी के सिकोरे अच्छी क्वालिटी के हैं। जिन्हें रेलवे प्लेटफॉर्म पर चाय की दुकानों से लेकर ट्रेनों में उपयोग किया जाएगा। इससे प्लास्टिक के कप से लोगों को छुटकारा मिलेगा। रेल मंत्री की इस घोषणा के बाद पाली में इस इंडस्ट्रीज में रोजगार और बढ़ेगा। ————————– यह खबर भी पढ़ें अब रेलवे स्टेशनों पर मिलेगी कुल्हड़ में चाय:रेल मंत्री बोले- पाली को रोल मॉडल बनाएंगे, दिल्ली के लिए जल्द चलेगी ट्रेन पाली में बने कुल्हड़ में देशभर के रेलवे स्टेशनों पर चाय परोसी जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पाली में बन रहे मिट्‌टी के सिकोरे की क्वालिटी काफी अच्छी है। पाली देश के लिए रोल मॉडल बने, इसलिए यहां की महिलाओं द्वारा बनाए गए मिट्‌टी के सिकोरे रेलवे उपयोग में लेगा। (पढ़ें पूरी खबर)

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