सिटी रिपोर्टर| जमशेदपुर इस बार के रेल बजट में टाटानगर को सीधे तौर पर कुछ नहीं मिला है। टाटा-जयपुर एक्सप्रेस, टाटा-नई दिल्ली एक्सप्रेस और टाटा-बंगलुरु एक्सप्रेस की मांग सांसद विद्युतवरण महतो ने रेल मंत्रालय से की थी, लेकिन इन पर कोई निर्णय नहीं हुआ। वहीं चक्रधरपुर रेल डिवीजन के बहुत पहले की कांड्रा-नामकुम रेल मार्ग पर भी पहल नहीं हुई। ऐसे में सीधे तौर पर शहरवासियों को कोई सौगात नहीं मिली है। छोटानागपुर पैसेंजर एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने कहा – इस रेल बजट में कोई नई ट्रेन की घोषणा नहीं हुई है, ऐसे में चक्रधरपुर रेल डिवीजन को कोई सीधा फायदा नहीं दिख रहा है। हालांकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से कवच सुरक्षा को बढ़ाने की बात हुई है, यह बेहतर कदम है। इसके अलावा आम बजट में रेलवे की सिग्नलिंग और टेलीकॉम के लिए 6800 करोड़, विद्युत लाइनों के लिए 6,150 करोड़, स्टाफ कल्याण पर 833 करोड़ का बजट तय किया गया है। रेलवे स्टाफ की ट्रेनिंग उद्देश्य के लिए 301 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं रेलवे सेफ्टी फंड में 45 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। रेलवे मंत्रालय रेल हादसों को कम करने के लिए खास कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत देश के प्रमुख रेलवे रूट पर कचव का अपग्रेड वर्जन 4.O लगाने का काम तेजी से किया जाएग। ^रेलवे का पिंक बुक आने के बाद पता चलेगा कि बजट में क्या मिला है, यह बताया जा सकेगा। फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगी। – आदित्य कुमार चौधरी, सीनियर डीसीएम, चक्रधरपुर रेल डिवीजन।


