रेवाड़ी कार लूट मामला, पुलिसकर्मी पिता का हुआ था एक्सीडेंट:हीस्ट्रीशीटर फैडरिक से बदला लेना चाहता था देवांश, हथियारों का जखीरा बरामद

रेवाड़ी में 15/16 दिसंबर की रात दिल्ली-जयपुर हाइवे पर कार लूट के मास्टरमाइंड देवांशु ने हीस्ट्रीशीटर से बदला लेने के लिए हथियार खरीदे थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। पांच दिन का रिमांड खत्म होने के बाद आरोपियों को पुलिस अदालत में पेश करेगी। बावल डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने में थी अहम भूमिका
डीएसी ने बताया कि देवांशु के पिता सूरजभान राजस्थान पुलिस में सिपाही थे। सूरजभान ने हीस्ट्रीशीटर विनोद फैडरिक को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई थी। जिसका गिरफ्तारी के ठीक एक साल बाद 1995 में एक्सीडेंट हो गया था। विनोद का शक था कि पिता का एक्सीडेंट हीस्ट्रीशीटर विनोद फैडरिक ने ही करवाया है। विनोद का साम्राज्य खत्म करना था लक्ष्य
देवांशु पिता के एक्सीडेंट का बदला लेने के साथ हीस्ट्रीशीटर नशा कारोबारी विनोद फैडरिक का साम्राज्य खत्म करना चाहता था। इसके लिए उसने हथियार जमा करने के लिए मेरठ के बंटी से संपर्क किया था। जिसके लिए देवांश मौका मिलते ही हथियार खरीदता था। वारदात में प्रयोग किए गए हथियारों से पहले भी देवांशु ने हथियार खरीदे थे। बंटी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था और तीन चार दिन के रिमांड पर था।
हथियारों का जखीरा मिला
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि सीआईए ने आरोपियों से पूछताछ के दौरान 5 देशी पिस्टल, 250 जिंदा कारतूस, 8 मैगजीन, 22 मैगजीन की स्प्रिंग, एक बैरल की स्प्रिंग, एक बैग, एक आईफोन, 6 वाकी-टॉकी सैट, 5 वॉकी-टॉकी चार्जर, 5 अडैप्टर, एक पैकेट दस्ताना, एक दूरबीन, 2 पावर अडैप्टर, 3 कारतूस की खाली डब्बी, एक हथकड़ी बरामद हुई है। इससे पहले पुलिस ने गिरफ्तारी के समय दो पिस्टल, तीन मैगजीन, 79 कारतूस, जैमर, जीपीएस ट्रैकर सिस्टम बरामद किया था।
देवांशु और शुभम को किया था गिरफ्तार
पुलिस ने कार लूट की वारदात के बाद मंगलवार को अजमेर निवासी देवांशु और आजमगढ़ निवासी शुभम वर्मा को गिरफ्तार किया था। जिन्हें कोर्ट से पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद देवांशु को हथियार देने के आरोपी बंटी को गिरफ्तार किया था। देवांशु की पढ़ाई के दौरान ही शुभम से दोस्ती हुई थी और उसे बताया था कि उसका खनन का कारोबार है। देवांशु ने शुभम को काम देने के बहाने अपने पास अजमेर बुलाया था। जहां से उसे लेकर लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले दिल्ली लेकर गया था। दिल्ली से जयपुर के लिए टैक्सी बुक की थी और 15/16 दिसंबर की रात दिल्ली जयपुर हाइवे के बनीपुर चौक पर ड्राइवर संजय को गोली मारकर कार लूट ली थी।

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