रेवाड़ी में पुलिस ने इंटर स्टेट चोर गिरोह के 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसमें मां, बेटा-बेटी और इनका पड़ोसी शामिल है। जिसमें मां-बेटा राजस्थान पुलिस के 10 हजार रुपए का इनामी है। गुलेल गैंग में 7 से 10 सदस्य बताए जा रहे है। रेवाडी सीआईए द्वारा गिरफ्तार गैंग के सभी सदस्य महेंद्रगढ़ के पड़थल गांव रहने वाले है। जिनमें मां, बेटा, बेटी और पड़ोसी शामिल हैं। 24 मुकदमों में हो चुकी गिरफ्तारी, 11 मेंं थी तलाश गुलेल गैंग की सरगना काली उर्फ संतरा और उसके साथियों की इससे पहले चोरी के 24 मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी थी। हरियाणा और राजस्थान पुलिस को रेवाड़ी के पांच, महेंद्रगढ़ के एक और राजस्थान के पांच मुकदमों ने इनकी तलाश थी। गैंग की सरगना काली और उसका बेटा विजय राजस्थान के हनुमानगढ़ में 10-10 हजार के इनामी हैं। दो अन्य आरोपियों ने काली की बेटी पिंकी और पड़ोसी अरूण शामिल है। महेंद्रगढ़ के रहने वाले सभी आरोपी डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने मॉडल टाउन थाना में बताया कि कोसली सीआईए ने इंस्पेक्टर योगेश की अगुवाई में गुलेल गेंग इंटर स्टेट चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी महेंद्रगढ़ के पड़थल गांव के रहने वाले हैं। गैंग की सरगना काली उर्फ संतरा के अलावा उसका बेटा विजय, बेटी पिंकी और पड़ोसी अरूण शामिल है। मां-बेटा काली और विजय 10-10 हजार के इनामी है। हरियाणा-राजस्थान में करते थे चोरी डीएसपी ने बताया कि आरोपी हरियाणा और राजस्थान में अब तक तीन दर्जन से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। जिनमें से 24 में पहले गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपियों के खिलाफ हरियाणा में हिसार, भिवानी, दादरी, झज्जर, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ सहित कई जिलों में केस दर्ज हैं। राजस्थान हनुमानगढ़, अलवर, खैरथल सहित हरियाणा से सटे कई जिलों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम कोसली सीआईए प्रभारी योगेश ने बताया कि गिरोह चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले रैकी करता था। दिन में रेकी करने के बाद रात को चोरी करते थे। आरोपियों के निशाने पर घर और मंदिर रहते थे। गैंग चोरी की वारदात में सदस्यों का बदल बदलकर प्रयोग करता था। जिससे आसानी से पकड़ में ना आ सके। गैंग में अभी 7 से 10 सदस्यों के नाम आए है पुलिस पूछताछ में गैंग के सदस्यों की संख्या बढ़ सकती है। पिता की मौत के बाद पति को छोड़ मायके आई काली के निमराना के पिपली गांव में शादीशुदा थी। पिता की मौत के बाद काली पति को छोड़ अपनी पीहर पड़थल में आकर बस गई। जहां वह लिव इन में अजीत के साथ बच्चो सहित रह रही है। काली पड़तल गांव से ही परिवार व सदस्यों के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए गुलेल गैंग चला रही है। गैंग ने रेवाड़ी के खोल थाना में 2025 में चोरी की तीन और 24 में एक और इस साल अब तक एक वारदात को अंजाम दे चुका है।


