भास्कर न्यूज | अमृतसर रेहड़ा-घोड़ा, ठेला-टांगा और रिक्शा मजदूर यूनियन के सदस्यों ने सोमवार को जिला आरटीए सचिव खुशदिल सिंह को मांग-पत्र सौंपा। यूनियन के प्रधान बाबा गुरमुख सिंह ने बताया कि पिछले तीन महीनों से गरीब मजदूरों के जगाड़ू वाहनों के चालान किए जा रहे हैं और कई वाहनों को जब्त भी किया गया है। इस वजह से मजदूर अपनी आमदनी कमाने में असमर्थ हो गए हैं और परिवार का पेट पालने में मुश्किल का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी मजदूर अपनी दिहाड़ी से परिवार चलाते हैं और महंगे आधुनिक वाहन खरीदने में असमर्थ हैं। पुराने वाहनों को सुधारकर और आवश्यक बदलाव करके जगाड़ू वाहन बनाया गया है, लेकिन अब इन्हें चालान किया जा रहा है। बाबा गुरमुख सिंह ने मांग की कि बिना जुर्माने के इन वाहनों को वापस दिया जाए और शहर में चलाने की अनुमति दी जाए।


