कस्बे में गुरुवार को भारतीय किसान संघ ने किसानों की कई मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम राकेश कुमार रावत को ज्ञापन सौपा। इससे पूर्व कस्बे के समीपवर्ती रानीबड़ौद स्थित पेट्रोल पंप पर किसान एकत्र हुए। यहां से रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पर पहुंचे और किसानों की सभा कर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम 19 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2022 में हुए 70% फसल खराबे का किसानों को अब तक बीमा राशि एवं मुआवजा नहीं दिया गया है। जबकि बीमा कंपनी समय पर किसानों से बीमा राशि वसूली है। फसल खराबे के 3 माह बाद बीमा व मुआवजा देने का नियम बनाया जाए। बिलासी नहर का निर्माण होने के बाद से अब तक टेल क्षेत्र के किसानों को एक-दो बार ही पानी मिल सका है। बांसथूनी माइनर पर किसानों को 40 प्रतिशत पानी देने का प्रावधान किया जाए। नहर का करीब 60 प्रतिशत पानी नदी-नालो में चला जाता है। किशनगंज व नाहरगढ़ को ईआरसीपी परियोजना से जोड़ने के लिए सर्वे का काम पूर्ण हो चुका है। इस वर्ष बजट जारी कर काम चालू किया जाए। जिले में हुई अतिवृष्टि से फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करवाकर आपदा राहत में मुआवजा दिया जाए। आपदा राहत राशि को दोगुना किया जाए। पीएम फसल बीमा का उचित आकलन कर किसानों को बीमा क्लेम दिया जाए। जिले में लंबित सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जाए। राजस्व रिकार्ड में दर्ज खेतों के रास्तों को अतिक्रमण मुक्त करवाकर ग्रेवल व गांवों को जोड़ने वाले रास्तों का डामरीकरण करवाया जाए। किसान कल्याण शुल्क को वापस किया जाए। फसलों का लाभकारी मूल्य घोषित कर संपूर्ण फसल की खरीद की जाए। जिले की कृषि उपज मंडियों का विस्तार किया जाए। किसानों को सिंचाई के लिए 8 घंटे दिन में बिजली सप्लाई दी जाए। डिमांड जमा होने पर दो माह में बिजली कनेक्शन दिया जाए। कृषि आदानों से जीएसटी समाप्त की जाए। वहीं ज्ञापन में किसानों की अन्य मांगें भी शामिल थी। ज्ञापन देने वालों में जिला राजस्व प्रमुख रमेशचंद्र आंकोदिया, तहसील अध्यक्ष सीताराम मालव, मंत्री बद्रीलाल वर्मा, विवेक चौधरी, गिरिराज गालव, प्रकाश गोस्वामी, नारायणलाल चौधरी, प्रहलाद सुमन, अर्जुन चौधरी, देवकीनंदन, रामस्वरूप गुर्जर, बाबूलाल नागर, महेश नागर, धन्नालाल मेहरा, पुरुषोत्तम, औंकारसिंह व रामकरण सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल थे।


