सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर यूजीसी बिल को लागू कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को विशाल रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में बिल के समर्थक कलेक्टोरेट पहुंचे और राज्य में बिल को लागू करने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का नेतृत्व एससी-एसटी ओबीसी माइन महासंघ, छत्तीसगढ़िया सर्व समाज एवं सर्व हिंदू समाज छत्तीसगढ़ के संयुक्त बैनर तले किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। सुबह 11 बजे डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक के पास पहले सभा हुई। इसमें वक्ताओं ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि दलित-पिछड़ वर्ग के छात्रों के हित के लिए यह बिल बेहद जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि बिल का उद्देश्य सभी धर्मों और एससी, एसटी, ओबीसी वर्गों, महिलाओं व दिव्यांगजनों के साथ होने वाले अन्याय और अत्याचार पर रोक लगाना है। उन्होंने दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुई जांच में बड़ी संख्या में सामाजिक अन्याय के मामले सामने आए हैं, जिन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस विधेयक जरूरी है। सभा के बाद रैली के रूप में बिल के समर्थक कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा। इस दौरान छत्तीसगढ़िया सर्व समाज प्रदेश अध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक, सुरेश दिवाकर, लखन सुबोध, डॉ. रघु साहू, एडवोकेट दिलीप कौशिक, सीए विष्णु दत्त बघेल, मनोज मरावी, सूरज मरकाम, बसंत प्रधान, जनक राम साहू, आसिफ भाभा, अनीस चरण आदि मौजूद रहे। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रांतीय अध्यक्ष सुभाष परते ने अपने संबोधन में कहा कि यूजीसी बिल स्वागतयोग्य पहल है और शासन को इसे जल्द लागू करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने बिल को समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि बिल को शीघ्र लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


