भास्कर संवाददाता| सीहोर रेत कारोबार से जड़े हजारों लोग पिछले 15 दिन से परेशान हैं। इनका कहना है कि खनिज विभाग का अमला उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। नियमानुसार काम करने के बाद भी उन पर कार्रवाई की जा रही है। जो लोग रेत भरने की मजदूरी का काम करते थे वे भी पिछले एक पखवाड़े से घर बैठे हैं। इनके सामने भी रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। यही हालत ड्राइवर और हेल्परों का है। सोमवार को 100 से अधिक मजदूर, ट्रक ड्राइवर और हेल्पर कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया। कलेक्टर बालागुरू के. ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रायल्टी घनमीटर में ली जाती है तो वहीं ओवर लोडिंग की कार्रवाई में माप का पैमाना टन में करने की धमकी दी जाती है। इन लोगों ने भास्कर को बताया कि जिले में रेत का परिवहन करने में करीब 1000 वाहन चल रहे हैं जिनके 2 हजार से अधिक ड्राइवर और हेल्पर हैं। ्र करीब 10 हजार लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं यह है मामला: सीहोर सेंड ट्रक आनर्स एसोसिएशन और सर्व चालक कल्याण संघ के बैनर तले सोमवार को 100 से अधिक ट्रक ड्राइवर, हेल्पर और मजदूर बुदनी, भैरूंदा से सीहोर पहुंचे थे। इनका कहना था कि पिछले 15 दिन से उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जा रही है। जबकि वे रायल्टी जमा करने के बाद रेत का परिवहन कर रहे हैं। इसके बाद भी वाहनों को रोका जा रहा है और थाने में खड़ा कराया जा रहा है। जिससे परिवार पर रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।


