डॉक्टरों पर एफआईआर नहीं, प्रकरण बनता भी है या नहीं? जुटी पुलिस

भास्कर संवाददाता| सीहोर दो दिन पहले अवैध रूप से जिला अस्पताल में बैठकर मरीज देख रहे दो डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस अब तक प्रकरण दर्ज नहीं कर पाई है। पुलिस मामले की जांच करते हुए कानूनी सलाह ले रही है कि जिनके खिलाफ आवेदन दिया गया है उनके खिलाफ कोई मामला बनता भी है या नहीं? क्योंकि इलाज करने वाले दोनों ही डॉक्टर उपचार के लिए सक्षम हैं। अब ये जांच का विषय है कि वे जिला अस्पताल के कक्ष में इलाज करने कैसे पहुंचे। पुलिस यदि मामले की जांच गंभीरता से करे तो जिला अस्पताल के कर्मचारी भी इस खेल में शामिल पाए जा सकते हैं। बता दें कि बांड अवधि समाप्त होने के बाद भी जिला अस्पताल में दो डॉक्टर डॉ. नितेश गौर व डॉ. सुधीर पोरवाल जिला अस्पताल में दो साल से अवैध रूप से बैठकर मरीजों को देख रहे थे। शनिवार को जब अवैध डॉक्टरों के ड्यूटी पर बैठने का मामला गर्माया तो सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता ने थाना कोतवाली को आवेदन देकर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा। विधि सलाहकारों से सलाह ली जा रही: यादव हैरत की बात है कि सिविल सर्जन द्वारा दो दिन पूर्व दिए गए पत्र के बाद भी कोतवाली पुलिस आज तक डॉक्टरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं कर सकी है। इस मामले में थाना प्रभारी रविन्द्र यादव से जब चर्चा की गई तो उनका कहना था कि मामले को लेकर कानून के विधि सलाहकारों से सलाह ली जा रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि ये दोनों डॉक्टर पिछले दो साल से यहां बैठकर मरीज देखते आ रहे हैं।

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