जैसलमेर के सावंता और भोपा गांव के ग्रामीणों का निजी सोलर कम्पनी के गेट बाहर धरना आज चौथे दिन भी जारी है। रोजगार की मांग को लेकर धरना दे रहे ग्रामीणों ने 80 साल के बुजुर्ग भी शामिल है। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर मांगे नहीं माने जाने पर आमरण अनशन की भी चेतावनी दी। हालांकि धरना स्थल पर निजी सोलर कम्पनी के प्रतिनिधि आए थे मगर उन्होंने केवल धरना उठाने के लिए ही कहा, मांगों को लेकर कोई बात नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएगी तब तक उनका धरना जारी रहेगा। रोजगार की मांग को लेकर धरना जारी ग्रामीणों का कहना है कि कम्पनी हमारी जमीन पर प्लांट लगाकर बैठी है और हमको रोजगार देने का वादा भी किया था। मगर 1 महीने पहले कम्पनी अपने वादों से मुकर गई है और बाहर के लोगों को रोजगार देकर हमारा रोजगार छीन रही है। इसलिए रोजगार की मांग को लेकर पहले कम्पनी के प्रतिनिधियों से बात की, मगर कोई हल ना निकलते देख हमने कम्पनी के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएगी, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। सोलर कंपनी के गेट के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण। वादाखिलाफी कर छीना रोजगार ग्रामीणों ने बताया- 4 साल पहले रिन्यू पावर कम्पनी ने यहां 320 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट प्लांट का निर्माण किया। सावंता और भोपा गांव के ग्रामीणों की जमीन भी इस प्लांट में शामिल है। ऐसे में कम्पनी द्वारा ग्रामीणों को रोजगार देने का वादा था। मगर बताया जा रहा है कि रिन्यू पावर कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को शकूरा नामक कम्पनी को दे दिया। अब एक महीने से कम्पनी अपनी मनमानी कर रही है और हमारा रोजगार छीन कर बाहर के लोगों को दे रही है। आमरण अनशन की चेतावनी बातचीत करने के बावजूद भी कम्पनी के प्रतिनिधि अपनी मनमानी कर रहे हैं और वादाखिलाफी कर रहे हैं। इसको लेकर सावंता और भोपा गांव के ग्रामीण कम्पनी के गेट के बाहर इकट्ठे हुए हैं और 4 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक हमारा धरना जारी रहेगा और हम सब मिलकर आमरण अनशन करेंगे।


