महात्मा गांधी नरेगा योजना के नाम को बदले जाने को लेकर देशभर में राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से लगातार इस फैसले का विरोध किया जा रहा है और आरोप लगाए जा रहे हैं कि इससे ग्रामीण रोजगार व्यवस्था कमजोर होगी। इसी मुद्दे पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस जनता में भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण (जी राम जी)” किया गया है और इसमें किए गए संशोधन गरीबों और ग्रामीणों के हित में हैं। लोकसभा में बिल पारित, कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप सांसद सीपी जोशी ने बताया कि इस योजना से जुड़ा संशोधन बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लोकसभा में पेश किया गया और विधिवत रूप से पारित भी हो चुका है। इसके बावजूद कांग्रेस के कुछ नेता यह प्रचार कर रहे हैं कि योजना से लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा। जोशी ने कहा कि जिन लोगों ने सालों तक देश की जनता को गुमराह किया, वही आज फिर भ्रम फैलाने में लगे हैं। कांग्रेस शासन के दौरान इस योजना को भ्रष्टाचार में डुबो दिया गया था और मजदूरों को उनकी पूरी मजदूरी तक नहीं मिल पाती थी। मोदी सरकार में बढ़ा बजट और रोजगार सीपी जोशी ने आंकड़ों के माध्यम से मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने मनरेगा में कई गुना ज्यादा बजट दिया है। साथ ही श्रम दिवस भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़े हैं और ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि यूपीए शासनकाल में केवल 45 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार मिला था, जबकि मोदी सरकार में यह आंकड़ा बढ़कर 56 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि यह योजना पहले से ज्यादा प्रभावी और समावेशी बनी है। बीजेपी सरकार स्थायी संपत्तियों और पारदर्शिता पर दे रहे है जोर सांसद ने कहा कि अब इस योजना के तहत केवल मजदूरी ही नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी होगा। सभी कामों की जियो टैगिंग और कड़ी मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। पंचायत से लेकर केंद्र सरकार तक प्रस्तावों की जांच और अनुमोदन के बाद ही काम होंगे। इसके तहत जल संरक्षण, तालाब निर्माण, गोदाम, कैटल शेड, सड़कें, पुस्तकालय भवन और सोलर लाइट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे गांव आत्मनिर्भर बन सकें। विकसित भारत की संकल्पना और कांग्रेस पर हमला सीपी जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित पंचायत और विकसित गांव की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साल 2012-13 में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से नीचे थे, वहीं आज यह संख्या घटकर लगभग 4 करोड़ रह गई है। अंत में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि गांधी परिवार ने सिर्फ महात्मा गांधी का नाम लिया जबकि गांधी नाम से उनका कोई लेना देना नहीं है, लेकिन गांधीजी के आदर्शों को कांग्रेस ने कभी नहीं अपनाया, जबकि मोदी सरकार ने इस योजना को देश और गरीबों के हित में मजबूत और पारदर्शी बनाने का काम किया है।


