भास्कर न्यूज | जालंधर अरब देशों में अब तक लड़कियों के फंसने की दर्दनाक कहानियां सामने आ रहीं थीं। अब ताजा मामला जालंधर के नरेश कुमार का है। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से गांव मिठड़ा निवासी नरेश कुमार वापस लौटे हैं। इसके बाद वह शनिवार को सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया में अपनी पत्नी के साथ पहुंचे और संत सीचेवाल को अपनी कहानी बताई। उन्होंने कहा कि उन्हें कंपनी ने दो महीने कमरे में बंद रखा। राज्यसभा सांसद के संपर्क करने के बाद भारतीय दूतावास ने उन्हें आजाद करवाया। वह बाहर आ गए लेकिन बाद में चोरी के झूठे केस के कारण सात साल जेल काटनी पड़ी। नरेश ने बताया कि वह साल 2014 में सऊदी अरब गए थे। तीन बार वापस आ चुके थे। इस बार वह 2019 से सऊदी अरब में काम कर रहे थे। उन्होंने चार साल बाद छुट्टी मांगी थी। कंपनी ने उन्हें चोरी करने के झूठे आरोप में फंसाया। उन्हें एक बंद कमरे में कैद कर दिया गया। वहां उन्हें दिन में सिर्फ दो बार खाना दिया जाता था। परिवार को ये जानकारी नहीं थी। फिर जब संपर्क नहीं हो रहा था तो उनकी पत्नी ने राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के कार्यालय से संपर्क किया। इसके बाद संत सीचेवाल सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से हस्तक्षेप किया। नरेश दो महीने तक छोटे से कमरे में कैद रहे। एंबेसी के हस्तक्षेप से वे कंपनी से बाहर तो आ गए, लेकिन बाद में कंपनी ने उन्हें चोरी झूठे मामले में फंसाकर पुलिस के हवाले कर दिया, जहां उन्हें सात महीने तक जेल में रखा गया। अदालत में जब उन पर कोई आरोप साबित नहीं हुआ, तो उन्हें बरी कर दिया गया, लेकिन फिर भी उन्हें रिहा नहीं किया गया। संत सीचेवाल की एक और अपील के बाद भारतीय दूतावास ने दोबारा हस्तक्षेप किया और कंपनी को क्लियरेंस देने के लिए मजबूर किया। इसके बावजूद कंपनी ने उनकी फाइनल क्लियरेंस को छह महीने तक लटकाए रखा। नरेश कुमार ने दावा किया कि उनकी तरह कई अन्य भारतीय भी सऊदी अरब में झूठे मामलों में फंसे हुए हैं और कंपनियां उन्हें भारत वापस लौटने से रोकने के लिए झूठे मुकदमों में फंसा रही हैं। नरेश कुमार।


