रोपड़ ब्लॉक समिति चुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) बहुमत हासिल करने में विफल रही है। 15 सीटों वाले रोपड़ ब्लॉक में AAP को 7 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 6 सीटें जीतकर मजबूत वापसी दर्ज की। शिरोमणि अकाली दल के खाते में 2 सीटें आईं। AAP रोपड़ ब्लॉक में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बाद बहुमत से चूक गई, जबकि कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत की। कांग्रेस नेता ब्रिंदर सिंह ढिल्लों ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों ने सरकार की धक्केशाही और प्रशासनिक दबाव का सामना करते हुए मजबूती से चुनाव लड़ा और जनता का भरोसा जीता। कांग्रेस के विजयी उम्मीदवारों में अमनदीप सिंह सनी (घनौली) 96 वोटों से, हरजिंदर कौर (बरदार) 136 वोटों से, कुलविंदर कौर (परखाली) 142 वोटों से, हरप्रीत कौर (वेरका) 388 वोटों से, जसविंदर कौर (पराले) 100 वोटों से और शिंगारा सिंह (भंगले) 70 वोटों से जीते। कुछ कांग्रेस उम्मीदवार करीबी मुकाबले में हार गए। इनमें मनमोहन सिंह (चंदपुर), निम्मा देवी (अकॉर्डिंग कला), मनजीत कौर (मगरोड़ा) मात्र 22 वोटों से, देविंदर सिंह (छोटी हवेली) और तरलोचन सिंह (खैरावाद) बेहद कम अंतर हारे हैं। निष्पक्ष चुनाव होते तो कांग्रेस और सीट जीतती ढिल्लों ने दावा किया कि यदि चुनाव निष्पक्ष माहौल में होते, तो कांग्रेस 8 से अधिक सीटें जीत सकती थी। उन्होंने कहा, “सरकार में होने के बावजूद आम आदमी पार्टी बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। यह परिणाम 2027 विधानसभा चुनावों की दिशा साफ करते हैं।” उन्होंने सभी विजयी उम्मीदवारों, पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। ढिल्लों ने बताया कि कांग्रेस ने जीत के बावजूद कोई जश्न नहीं मनाया और सभी नेता-कार्यकर्ता फतेहगढ़ साहिब जाकर मत्था टेकेंगे। इन चुनावों के नतीजों ने यह भी दर्शाया है कि सत्ता और प्रशासन के सहारे भी आम आदमी पार्टी जनता का भरोसा पूरी तरह नहीं जीत सकी, जबकि कांग्रेस ने रोपड़ में अपनी मजबूत वापसी दर्ज की है।


