लखनऊ के बाल सुधार गृह पहुंचे भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति:बच्चों का मनोबल बढ़ाया, कैरियर को लेकर टिप्स भी दी

लखनऊ के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय की टीम ने सिंधी खेड़ा के राजकीय बाल गृह (बालिका) और मोहान रोड के राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का दौरा किया। कुलपति अजय तनेजा की अगुवाई में फैकल्टी और स्टूडेंट्स की टीम ने दोनों संस्थानों में स्टूडेंट्स को दी जाने वाली व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा। बातचीत के दौरान उनका मनोबल बढ़ाया और हायर एजुकेशन जॉइन करने की नसीहत दी। इस दौरान स्टेशनरी, बुक्स और अलमीरा भी भेंट की गई। हायर एजुकेशन को लेकर जागरूक भी किया गया यूनिवर्सिटी प्रवक्ता डॉ.रुचिका ने बताया कि कुलाधिपति राज्यपाल के निर्देश पर टीम ने दोनों संस्थानों का दौरा किया। यहां रह रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास में यूनिवर्सिटी की तरफ से भी योगदान दिया जा रहा है। बालिका गृह में हाईस्कूल स्तर पर अध्ययनरत बालिकाओं के लिए विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी और हिंदी विषयों के प्रश्न बैंक वितरित किए गए। साथ ही बीए स्तर पर अध्ययनरत स्टूडेंट्स को समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, शिक्षाशास्त्र विषयों के प्रश्न बैंक उनके सुरक्षित रख-रखाव के लिए अलमारियों का भी वितरण किया गया। टीम में ये रहे मौजूद वहीं, किशोर संप्रेक्षण गृह में बच्चों के रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के मकसद से ड्राइंग बुक्स और वैक्स कलर्स वितरित किए गए। मकसद बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि, सृजनात्मकता और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना था। इस दौरान यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विकास, डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी सहित कई फैकल्टी मौजूद रहे।

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