लखनऊ के होटल आरिफ कैसल में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में एनआरआई हरि गुप्ता ने महाकुंभ में कैलाश मुक्ति अभियान की घोषणा की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ी समस्याओं और रहस्यों के प्रति जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों के रूप में फिल्म निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के ट्रस्टी अमरजीत मिश्रा और व्यवसायी सुधीर हलवासिया मौजूद रहे। हलवासिया ने भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले इस अभियान को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। कैलाश मानसरोवर की सीधी यात्रा की अनुमति हरि गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए बताया कि पिछले पांच वर्षों से भारतीय पासपोर्ट धारकों को कैलाश मानसरोवर की सीधी यात्रा की अनुमति नहीं है। वर्तमान में उपलब्ध वैकल्पिक मार्ग 50 किलोमीटर की दूरी से दर्शन की अनुमति देते हैं, जो श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक आकांक्षाओं को पूरा नहीं करता। एयरलाइन ऑपरेटरों से वार्ता इस समस्या के समाधान के लिए, उन्होंने दिल्ली से कैलाश के लिए सीधी चार्टर उड़ानों की शुरुआत का प्रस्ताव रखा है और इस संबंध में एयरलाइन ऑपरेटरों से वार्ता कर रहे हैं। कार्यक्रम में हरि गुप्ता ने मानसरोवर के आसपास स्थित दो विशेष तालाबों के बारे में भी जानकारी साझा की, जिनमें एक मीठे और दूसरा खारे पानी का है। यूट्यूब पर उपलब्ध जानकारी उन्होंने बताया कि मानसरोवर के पत्थरों पर ॐ, डमरू और सांप के प्राकृतिक निशान पाए गए हैं। पास के रहस्यमयी शिव मंदिर में भक्तों को खीर का प्रसाद मिलता है, जो बिना किसी मीठे पदार्थ के तैयार होता है। हरि गुप्ता कैलाश मुक्ति के लिए सांसदों और संतों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने जय कैलाश नामक भजन लिखा है, जो यूट्यूब पर उपलब्ध है। साथ ही, www.kailashmukti.com वेबसाइट के जरिए यह आंदोलन व्यापक रूप से फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। महाकुंभ में आयोजित होने वाले इस विशेष शिविर में देश-विदेश से कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों, अधिकारियों और व्यवसायियों के शामिल होने की संभावना है।


