लखनऊ के गोमती नगर स्थित पानी टंकी पार्क में संवेदना सेवा समिति द्वारा आयोजित 9 दिवसीय श्रीरामकथा का भव्य समापन हुआ। कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने अंतिम दिन अरण्यकांड और लंकाकांड की मनमोहक प्रस्तुति से श्रोताओं को भक्तिरस में डुबोया। कथा के अंतिम दिन महाराज जी ने अरण्यकांड से प्रारंभ करते हुए जयंत के मान-भंग और नारद जी द्वारा क्षमायाचना का प्रसंग सुनाया। अत्रि और अनुसुइया के आश्रम में राम-सीता के स्वागत का वर्णन किया, जहां माता अनुसुइया ने सीता जी को स्त्री धर्म का ज्ञान दिया। राक्षसों के अत्याचार से त्रस्त ऋषियों की व्यथा सुनकर भगवान राम की प्रतिज्ञा, सुपर्णखा प्रसंग और जटायु का बलिदान सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। कथा के दौरान माता शबरी की भक्ति, हनुमान जी की वीरता और सीता अन्वेषण की कथा ने भक्तों को भावुक कर दिया। समुद्र पर सेतु निर्माण, विभीषण की शरणागति और लंका युद्ध का वर्णन भी किया गया। कथा का समापन रावण वध, विभीषण के राज्याभिषेक और राम-सीता के अयोध्या लौटने के प्रसंग से हुआ। भगवान राम के राज्याभिषेक और दीपोत्सव की कथा से समस्त वातावरण भक्तिमय हो गया। अतिथियों का स्वागत पार्षद संजय सिंह राठौर ने किया आज की कथा में इंजीनियर अवनीश सिंह, विधायक तिराम बनारस, पार्षद रामकुमार वर्मा, अरुण राय, शैलेंद्र वर्मा, सुदेश सिंह और मीडिया से सुधीर सिंह समेत कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत पार्षद संजय सिंह राठौर ने किया। कथा में समिति के अध्यक्ष पंकज चौहान, विवेक सिंह, महेश सिंह और शिवनंदन सिंह सहित हजारों लोग शामिल हुए।


