लखनऊ के रहमानखेड़ा में बाघ ने फिर एक गाय की गरदन मरोड़ दी। बेहलिया गांव में आम के बाग़ में गाय का शिकार कर अपनी भूख मिठाई और निकल गया। यह बाघ का 9वां शिकार है। डीएफओ डॉ. सितांशु पांडेय ने बताया कि रहमानखेड़ा से सात किलोमीटर दूर बेहलिया गांव में शनिवार रात को बाघ ने गाय का शिकार किया। यहां आम के बाग में शिकार मिला है। रविवार सुबह ग्रामीणों ने सूचना दी तो वन कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर जांच की है। उधर, वन विभाग का बाघ को पकड़ने का ऑपरेशन विफल होता नजर आ रहा है। रविवार को वन विभाग को बाघ के नए पगचिन्ह नहीं मिले, जिससे बाघ के अपना ठिकाना बदलने की आशंका बढ़ गई है। विभाग द्वारा स्थापित किए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर और अपनाई गई विभिन्न रणनीतियों के बावजूद बाघ का पता नहीं चल पा रहा है। गाय का शिकार होने के तीन तस्वीरों में देखें वन विभाग की कार्रवाई… वन विभाग ने जोन 1 और जोन 2 में मचान बनाकर लाइव बेट का प्रयोग किया है और लगातार निगरानी की जा रही है। रविवार को अपर मुख्य वन संरक्षक रेणु सिंह, वन्य जीव विशेषज्ञ अनुराधा बैमुरी और डीएफओ डॉ. सितांशु पांडेय ने बाघ ऑपरेशन का जायजा लिया। लखनऊ प्राणि उद्यान के डॉ. उत्कर्ष शुक्ला और एसडीओ अबू असद भी निरीक्षण में शामिल रहे। स्पेशलिस्ट को टीम में शामिल किया विशेष रूप से, लखनऊ प्राणि उद्यान के डॉ. उत्कर्ष शुक्ला को ऑपरेशन में शामिल किया गया है, क्योंकि उन्होंने 2012 में इसी क्षेत्र में एक बाघ को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वन विभाग की टीम ने स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक सुधार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि डीएफओ के अनुसार जोन 2 में कुछ नए पग चिन्ह मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। ऑपरेशन का जाएजा लिया डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने दोपहर करीब 12 बजे CCF रेणु सिंह, DFO डॉ. सितांशु पांडेय, SDO अबु असद और अनुराधा बैमुरी ने रहमानखेड़ा पहुंच कर बाघ ऑपरेशन का जायजा लिया। …………………………. यह खबर भी पढ़े 11 गांवों में बाघ की दहशत से PAC तैनात होगी:लखनऊ वन विभाग ने लगाए नए कैमरे; अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ की बैठक लखनऊ के रहमानखेड़ा इलाके में बाघ की दहशत को कम करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रभावित 11 गांवों में एक प्लाटून पीएसी तैनात की जाएगी। पीएसी के जवान गांव-गांव जाकर लोगों को बाघ से बचने के तरीके बताएंगे। यहां पढ़े पूरी खबर


