‘योगी जी ऐसे मुसलमानों को मत छोड़ना, जिन्होंने जीना हमारा हराम कर दिया। हमारे घर पर कब्जा करना चाहते हैं। हम 13 दिन से फुटपाथ पर सोने के लिए मजबूर हैं। आरोपी हमारी बहनों को बेचना चाहते थे, लेकिन मैंने उन्हें बचाया है। आज ये बहुत तड़पी हैं। योगी जी हमारे जीते जी नहीं तो मरने के बाद ही इंसाफ दिलवाइए।’ ये बातें उस अरशद की हैं, जिसने लखनऊ में बाप के साथ मिलकर मां और 4 बहनों की हत्या कर दी। वारदात के बाद बाप के साथ मिलकर वीडियो बनाया। पुलिस पूछताछ में उसने पिता के साथ वारदात की बात कबूली। कहा- पिता आत्महत्या के लिए होटल से निकले हैं। पढ़िए अरशद ने पूरे वीडियो में क्या कहा… मेरे घर को छीनने के लिए जुल्म किए
मेरा नाम मो. अरशद है। आज बस्ती वालों से तंग आकर पूरी फैमिली ने यह कदम उठाया। मैंने अपने हाथों से अपनी मां-बहनों को मार दिया। उनकी हाथों की नसें काटीं, फिर गला दबाकर हत्या कर दी। हो सकता है कि सुबह तक मैं भी जिंदा न मिलूं। बस्ती वाले मेरे घर को छीनना चाहते हैं। उन्होंने घर छीनने के लिए जुल्म किए। आवाज उठाई तो किसी ने नहीं सुनी। बहनें बहुत तड़पी हैं, मैंने इनकी इज्जत बचाई
मकान के पेपर मेरे पास हैं। मकान को हम मंदिर के नाम करना चाहते थे। धर्म परिवर्तन करना चाहते थे। हमने इनके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की। मगर कुछ नहीं कर पाए। इन लोगों ने पुलिस चौकी वालों को पैसा खिलाया। इसमें मुख्य आरोपी रानू उर्फ आफताब अहमद और उसके रिश्तेदार शामिल हैं। ये बहुत बड़ा भू-माफिया गैंग चलाते हैं। लोगों पर जुल्म करते हैं। गैर-कानूनी और नकली नोटों का भी धंधा करते हैं। ये लड़कियों की सप्लाई करते हैं। इनका प्लान हमे जेल भिजवाने का था। ये हमारी बहनों को बेचना चाहते थे। क्या अपनी बहनों को बिकता हुआ देखूं? आप लोग कहते हो कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। ऐसे में बहनों को मार दिया। आज ये बहुत तड़पी हैं। मैंने इनकी इज्जत बचाई है। आरोपी हम पर बांग्लादेशी होने का लगाते थे आरोप
हम लोग बदायूं के रहने वाले हैं। हम लोगों पर झूठा इल्जाम लगाते हैं कि हम लोग बांग्लादेशी हैं। बदायूं में हमारी ताई के पास दादा और परदादा तक के प्रूफ मिल जाएंगे। बस्ती वालों से तंग आकर हम लोग धर्म परिवर्तन करना चाहते थे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। जब यह वीडियो पुलिस को मिले तो आप लोग जान जाइएगा कि इसके जिम्मेदार बस्ती वाले हैं। मजबूरन 10-15 दिन से फुटपाथ पर सोते रहे। ठंड में भटक रहे। 13 दिनों से हम लोगों ने कुछ खाया भी नहीं है। आखिरी में यह कदम उठाना पड़ा। आखिरी उम्मीद योगी जी आप ही हैं
आखिरी उम्मीद योगीजी आप ही हैं। आपसे गुजारिश है कि ये मुसलमान हर जगह जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। इन जैसे मुसलमानों को मत छोड़ो। आप जो कर रहे हो, बढ़िया कर रहे हो। योगी जी मैं तो आप से मिलना चाहता था, लेकिन मिल नहीं पाया। अब आप ही हमें इंसाफ दिलाओ। योगी जी इस प्लाट को किसी के कब्जे में मत जाने देना। यहां मंदिर बनवाना। इतना कहूंगा कि योगी जी आप चाहो तो हमे जलाओ या दफनाओ। लेकिन बहनों को इंसाफ दिलवाओ। इन गेस्ट हाउस वालों की कोई गलती नहीं है। हमें इनके रूम में आकर ये करना पड़ा। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ में 5 की हत्या से 14 दिन पहले ऐलान: हम मुस्लिम धर्म का त्याग कर हिंदू बनेंगे, श्रीराम मंदिर बनाएंगे; सारी जायदाद ट्रस्ट को सौंपता हूं लखनऊ के होटल में आगरा के एक परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी गई। पिता ने बेटे के साथ मिलकर पूरा परिवार खत्म कर दिया। वारदात के बाद बेटा होटल में बैठा रहा। पुलिस पूछताछ में बेटे ने पिता के साथ वारदात की बात कबूली। पढ़िए पूरी खबर


